आजमगढ़। रक्षा बंधन पर चाइनीज राखियों से पटने वाले बाजार में इस बार नाममात्र की चाइनीज राखियां ही देखने को मिल रही हैं। देश में बनी राखियां इस बार चाइनीज राखियों पर भारी पड़ रही हैं। इनमें स्टोन, मौली, इलेक्ट्रानिक और कार्टून राखियों को बड़े और बच्चे पसंद कर रहे हैं। बाजार में 10 रुपये से लेकर तीन सौ रुपये तक के मूल्य की राखियां मौजूद हैं।
भाई बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है। वैसे-वैसे राखी की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ बढ़ती जा रही है। बाजार में राखी की दुकानों पर एक से बढ़कर एक राखियां देखने को मिल रही है। वैरायटी में दुकानदारों द्वारा हर उम्र का ध्यान रखा गया है। द़ुकानदारों की मानें तो इस बार राखी के दाम पिछले वर्षों की तुलना में कम हैं। इस बार चाइनीज राखियों की तुलना में लोगों की पसंद देसी राखी बनी हुई है। दुकानों पर नाममात्र की ही चाइनीज राखियां देखने को मिल रही है। लेकिन लोगों का रूझान सबसे ज्यादा देश में बनी राखियों की ओर है। बाजार में 10 रुपये से लेकर तीन सौ रुपये मूल्य तक की राखियां मौजूद हैं। हर कोई अपनी पसंद और क्षमता के अनुसार राखियों की खरीदारी करने में जुटा हुआ है। भेजने के लिए लोग ज्यादातर थाली वाली राखी को ही पंसद कर रहे हैं।
000000000000000000000
राखी का नाम दाम
चावलवाली राखी 10 रुपये से लेकर 20 रुपये तक।
स्टोन वाली राखी 10 रुपये से लेकर 150 रुपये तक।
उडेन डिप्टल राखी 20 रुपये से लेकर 80 रुपये तक।
कार्टून राखी पांच रुपये से लेकर 30 रुपये तक।
स्पीनर लाइट राखी 30 रुपये से लेकर 70 रुपये तक।
मौली राखी पांच रुपये से लेकर 20 रुपये तक।
इलेक्ट्रिक राखी 35 रुपये से लेकर 40 रुपये तक।
थाली रक्षा रोल राखी 30 रुपये से लेकर 150 रुपये तक।
लुंबा पेपर राखी 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक।
फोम राखी दो रुपये से लेकर पांच रुपये तक।
रुद्राक्ष राखी पांच रुपये से लेकर 25 रुपये तक।
बालाजी के नाम वाली राखी 315 रुपये पीस।
राखी विक्रेता पप्पू मनमौजी ने कहा कि इस बार रक्षा बंधन को लेकर लोगों में उत्साह दिख रहा है। बारिश अच्छी होने से किसान भी खुशहाल है। इस लिए बाजार में चहल पहल है। प्रतिदिन लोगों की भीड़ बढ़ती जा रही है। रक्षा बंधन का दिन नजदीक आने के साथ ही इसमें और बढ़ोत्तरी की संभावना है।
राखी विक्रेता विजय ने बताया कि बिक्री में रोज तेजी आ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में इसके रेट गिरे हैं। बाजार में 500 वैरायटी की राखियां उपलब्ध हैं। सस्ती राखियों के प्रति लोगों की रूझान ज्यादा है। इस बार बाजार में चाइनीज राखियों की डिमांड ज्यादा नहीं है। जिसके कारण दुकानों पर नाममात्र की ही चाइनीज राखियां ही उपलब्ध हैं।