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घटने लगा जलस्तर, कटान की रफ्तार में आयी तेजी

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लाटघाट। एक सप्ताह से लगातार बढ़ रहे घाघरा के जलस्तर में सोमवार को कुछ ब्रेक लग गया है। बीते 24 घंटे में दो से तीन सेमी जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर में घटाव के चलते कटान की रफ्तार तेज हो गई है। कटान में तेजी आने से बाढ़ से घिरे गांव में रह रहे लोगों में दहशत है। वहीं, विस्थापित हुए बाढ़ पीड़ित अब तक प्रशासनिक सहायता उपलब्ध न होने से आक्रोशित भी है।
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घटाव के बाद भी सोमवार को डिघिया गेज पर जलस्तर लाल निशान से 119 सेमी और बदरहुआ नाले पर 76 सेमी ऊपर है। दोनों गेजों पर 24 घंटे में दो से तीन सेमी का घटाव दर्ज किया गया है। घटाव के साथ ही कटान की रफ्तार तेज हो गई है। देवारा खास राजा, सेमरी समेत दर्जन भर गांव में तेजी से कटान हो रही है। कृषि योग्य भूमि घाघरा की जलधारा में समाहित हो रही है तो वहीं सैकड़ों गांव पूरी तरह से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। कटान में तेजी के चलते लोगों में भय व्याप्त हो गया है और तेजी से गांव छोड़कर लोग सुरक्षित स्थानों की तरफ जा रहे हैं।

125 गांवों का कटा संपर्क
लाटघाट। देवरांचल में चारों तरफ दूर-दूर तक घाघरा का पानी ही पानी नजर आ रहा है। क्षेत्र के 125 गांव ऐसे हैं, जिसका संपर्क महुला गढ़वल बांध से कट चुका है और नाव के भरोसे ही बाढ़ के पानी से घिरे इन गांव के लोग बंधे पर आ-जा पा रहे हैं। चक्की, देवारा खास राजा, बांका, बुढन पट्टी, अभनपट्टी, मानिकपुर, शाहडीह, सोनौरा, इस्माइलपुर, रोशनगंज, हैदराबाद, शिवपुर, कुढ़ही, सहदेवगंज, उल्टहवा आदि गांव के चारों तरफ पानी भर गया है।
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जलस्तर दो दिन तक स्थिर रहने की संभावना
लाटघाट। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड दीपक कुमार ने बताया कि शारदा, गिरजा और बनबसा बैराज से 154000 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज हो रहा है। इसके चलते ही घाघरा का जलस्तर स्थिर होकर घटा है। दो दिन तक घाघरा का जलस्तर स्थिर रहेगा, इसके बाद जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
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