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छात्रावास में कब्जा करने वालों को मौखिक नोटिस जारी

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आजमगढ़। राजकीय बालिका इंटर कालेज के छात्रावास में हुए वैध और अवैध कब्जा को हटवाये जाने को लेकर गहमगहमी बढ़ गई है। जेडी की शिकायत पर मंडलायुक्त ने अवैध कब्जा हटवाये जाने का फरमान सुनाया था। जिस पर डीआईओएस ने प्रधानाचार्य को निर्देश जारी कर दिया। सभी कब्जेदारों को दो-तीन दिनों में कब्जा हटाने का मौखिक आदेश जारी कर दिया गया है।
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जीजीआईसी की छात्राओं के लिए विद्यालय परिसर में छात्रावास का निर्मण हुआ था। निर्माण के बाद से ही इस ही छात्राओं के बजाय अन्य लोगों का इस पर कब्जा है। परिसर में जहां कुछ अवैध कब्जेदार है तो वहीं जीजीआईसी की शिक्षिका अनिता पांडेय, लिपिक अवधेश गिरी, डीआईओएस कार्यालय के लिपिक संजय सिंह और परिचर जवाहर चौबे भी इसी में रहते है। बताया जाता है कि विभाग इन शिक्षको और कर्मचारियों का एचआर भी काटता है। छात्रावास में अवैध कब्जे की शिकायत जेडी ने मंडलायुक्त से किया। जिस पर मंडलायुक्त ने अवैध कब्जा जल्द हटवाये जाने का फरमान जारी कर दिया। यह फरमान जारी होते ही परिसर में रह रहे जीजीआईसी और डीआईओएस कार्यालय के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। वहीं अवैध रूप से कब्जा जमाए लोग अभी शांत बैठे हुए है। मंडलायुक्त के फरमान पर डीआईओएस ने प्रधानाचार्य जीजीआईसी को अवैध कब्जा हटवाये जाने की कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया। जिस पर छात्रावास में रह रहे लोगों को कब्जा हटाने का मौखिक आदेश जारी हुआ। वहीं प्रधानाचार्य ने भी डीएम को भी पत्र देकर अवैध कब्जा हटवाये जाने मांग की है।


छात्रावास के साथ ही प्रधानाचार्य आवास पर भी है कब्जा
आजमगढ़। राजकीय बालिका इंटर कालेज के छात्रावास के साथ ही प्रधानाचार्य आवास पर भी कब्जा है। आवास पर कब्जा 1994 से संयुक्त शिक्षा निदेशक का चला आ रहा है। 1994 में आजमगढ़ मंडल मुख्यालय बनाया गया तो यहां संयुक्त शिक्षा निदेशक की तैनाती हुई। उस समय तत्कालीन जेडी को विद्यालय परिसर स्थित प्रधानाचार्य आवास अस्थायी तौर पर रहने के लिए दे दिया गया, लेकिन तब से उस आवास पर संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय का ही कब्जा है। जो भी जेडी यहां आए सभी ने विद्यालय के प्रधानाचार्य आवास को ही अपना ठिकाना बनाये। आवास को खाली कराने की पूर्व में शिकायत भी हुई लेकिन उच्चाधिकारी का मामला होने के चलते ज्यादा कुछ नहीं हो सका। इतना ही नहीं प्रधानाचार्य आवास के पीछे विद्यालय का पुराना छात्रावास है जो जर्जर हो चुका है। इसके बाद भी इस परिसर में जेडी कार्यालय के कुछ कर्मचारी अवैध रुप से कब्जा जमाए हुए है। इन्हें हटाये जाने की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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छात्रावास को कब्जे से मुक्त कराना पहला उद्देश्य है। छात्रावास छात्राओं के लिए बना है तो इसका उपयोग इसी के लिए किया जाना चाहिए। जहां तक कब्जा मुक्त होने के बाद जेडी कार्यालय स्थापित किए जाने की बात है तो ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। जरूरत पड़ेगी तो इस छात्रावास परिसर के लिए विद्यालय प्रशासन कोर्ट तक जाएगा।
अनवर जहां, प्रधानाचार्य राजकीय बालिका इंटर कालेज।


छात्रावास में रह रहे डीआईओएस कार्यालय कर्मचारियों और जीजीआईसी की शिक्षिकाओं को दो-तीन दिन में खाली करने को कह दिया गया है। अवैध कब्जेदारों को भी चेतावनी दे दी गई है। नोटिस देने का प्रश्र ही नहीं उठता क्यो कि किसी को छात्रावास आवंटित ही नहीं है। इसके साथ ही परिसर की बिजली और पानी काटने की रणनीति तय की गई है। एपी वर्मा, संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल।
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