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आजमगढ़ में 16 हजार एंटीजेन किट आई, 11 हजार से हो चुकी जांच

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आजमगढ़। कोरोना संक्रमण की जांच के लिए जिले में तीन व्यवस्थाएं चल रही है। एक तो आरटीपीसीआर के माध्यम से सैंपल लिया जा रहा है तो दूसरा ट्रूनॉट मशीन से जांच हो रहा है। इसके अलावा एक पखवारे से नई व्यवस्था एंटीजेन किट के माध्यम से भी जांच कराया जा रहा है। एंटीजेन किट के आने के बाद ही जिले में जांच की कवायद रफ्तार पकड़ सकी है। अब तक 16 एंटीजेन किट जिले को मिली है, जिसमें से 11 हजार किट से जांच भी कराई जा चुकी है।
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एक पखवारे पूर्व तक जिले में जहां कोरोना संदिग्धों का आंकड़ा काफी कम था तो वहीं पॉजिटिव मरीज भी काफी कम थे। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट आने में होने वाली लेटलतीफी है। वहीं ट्रूनॉट से सिर्फ उनकी जांच की जा रही है जिसके कोई गंभीर बीमारी है और आपरेशन आदि किया जाना है। एक पखवारे पूर्व शासन ने एंटीजेन किट स्वास्थ्य महकमे को उपलब्ध कराया। पहली खेप में साढ़े चार हजार किट जले को उपलब्ध कराई गई थी। इस किट के माध्यम से जांच शुरू होते ही जांच की रफ्तार जहां तेज हो गई थी वहीं पॉजिटिव मरीज भी खूब मिलने लगे। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस किट के माध्यम से जांच रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध हो जाती है। जांच की प्रक्रिया भी आसान है तो इसके चलते लोग स्वयं भी जांच कराने के लिए पहुंचने लगे है। जिले को अब तक 16 हजार एंटीजेन किट शासन ने उपलब्ध कराया है। इसमें से 11 हजार किट से जांच की कवायद भी स्वास्थ्य विभाग ने कर ली है। वहीं आरटीपीसीआर से जांच के लिए भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने में हो रही लेटलतीफी का क्रम अभी भी जारी है। सोमवार को जिन सैंपलों की रिपोर्ट आई है वह 18-19 जुलाई को जांच के लिए पीजीआई लखनऊ भेजी गई थी।
एंटीजेन किट ने जांच की कवायद को काफी आसान कर दिया है। अब तक जिले में 16 हजार के लगभग किट आ चुकी है। जिसमें 11 हजार किट से जांच करायी जा चुकी है। पांच हजार किट अभी महकमें के पास उपलब्ध है। आगे यदि और जरूरत होगी तो शासन से एंटीजेन किट की डिमांड की जाएगी। - डॉ. एके मिश्रा, सीएमओ, आजमगढ़।
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