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आजमगढ़़ में 24 घंटे में 22 सेमी बढ़ा घाघरा का जलस्तर

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लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा ने रौद्र रूप धारण कर लिया गया है। विगत 24 घंटे में दोनों गेजों पर नदी के जलस्तर में 22-22 सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। नदी तेजी से 2017 के अधिकतम रिकार्ड जलस्तर को छूने को बेताब है। वर्तमान नदी 2017 के अधिकतम रिकार्ड जलस्तर से 14 सेमी नीचे बह रही है। अगर इसी रफ्तार से नदी का जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द ही से पार कर जाएगा।
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रविवार की शाम बदरहुंआ नाले पर नदी का जलस्तर 72.56 मीटर दर्ज किया गया था। जो सोमवार की शाम को 22 सेमी बढ़कर 72.78 मीटर हो गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 71.68 मीटर से 110 सेमी अधिक हो गया है। वहीं रविवार की शाम डिघिया नाले पर नदी का जलस्तर 71.70 मीटर दर्ज किया गया था जो सोमवार को 22 सेमी बढ़कर 71.92 मीटर हो गया। यहां पर नदी का जलस्तर खतरा बिंदू 70.40 मीटर से 152 सेमी अधिक है। नदी 2018 और 2019 के अधिकतम जलस्तर को पहले ही पार कर चुकी है। वह तेजी से 2017 में 20 अगस्त को रिकार्ड किए गए अधिकतम जलस्तर 72.92 मीटर की ओर से बढ़ रही है। नदी 2017 के रिकार्ड अधिकतम जलस्तर से 14 सेमी नीचे है।
जलस्तर बढने के साथ ही लोगों की मखुश्किलें भी बढ़नी शुरू हो गई है। लोगों को बाहर निकालने के लिए 192 नावें लगाई गई हैं। लोगों के घरों में भी बाढ़ का पानी घुस गया है और लोगों के घर गृहस्थी के सारे सामान भीग गए हैं। जिससे लोगों के सामने खाने पीने की समस्या भी खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को लंच आदि उपलब्ध कराया जा रहा है।
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सेमरी गांव के सभी घरों में घुसा पानी
लाटघाट। महाराजगंज ब्लॉक के सेमरी गांव के सभी घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जिसके कारण गांव के लोग विस्थापित होने को विवश है। लेकिन अभी तक इस गांव के लोगों को जिला प्रशासन की ओर से कोई सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है। ग्राम प्रधान दशरथ निषाद ने बताया कि हमारा गांव लगभग पूरा डूब चुका है। सब के चूल्हे तक पानी पहुंच गया है पर अभी तक कोई राहत नहीं मिली।
घाघरा के बढ़ रहे जलस्तर के कारण सगड़ी तहसील के 43 गांव पूरी तरह से मैरूंड हो गए हैं। लोगों के आवागमन और उन्हें बाहर निकालने के लिए 192 नावें लगाई गई है। अभी जलस्तर एक दिन और बढ़ेगा इसके बाद इसमें घटाव होगा। क्योंकि अयोध्या में नदी का जलस्तर स्थिर हो गया है। हमारा महुला गढ़वल बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड यहीं पर जमे हुए हैं। अन्य अधिकारियों को भी बाढ़ क्षेत्र में ही रहने का निर्देश दिया गया है। - राजेश कुमार, डीएम।
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