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15837 ने अभ्यर्थियों ने छोड़ी जीआईसी प्रवक्ता की परीक्षा

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डीएवी इंटर कालेज में जीआईसी की परीक्षा देते अभ्यर्था। - फोटो : AZAMGARH
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आजमगढ़। उप्र लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) द्वारा राजकीय इंटर कालेजों (जीआईसी) में प्रवक्ता (पुरुष व महिला) की प्रारंभिक परीक्षा 2020 का आयोजन रविवार को जिले के 47 केंद्रों पर हुआ। विभिन्न कारणों से 15 हजार 837 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जबकि 5709 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए सीसीटीवी से निगरानी की गई और वीडियो रिकार्डिंग भी किया गया।
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परीक्षा को सकुशल कराने के लिए जिला प्रशासन ने हर केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए थे। ताकि किसी भी प्रकार का कोई परीक्षार्थी कमरे में इलेक्ट्रानिक गैजेट लेकर नहीं जा सके। परीक्षा सुबह 11 बजे से शुरू हुई। जिले के 47 परीक्षा केंद्रों पर कुल 21 हजार 546 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें कुल 5709 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। वहीं 15837 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इसका कारण सेंटर दूर होना, ट्रेनों की लेटलतीफी व बारिश को बताया जा रहा है। कई ऐसे स्थान हैं जहां पानी अभी भी भरा हुआ है। जिसके कारण अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं पहुंच सके। जबकि इस परीक्षा को कोरोना संक्रमण काल के बाद प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा था। अन्य जनपदों से ट्रेन के माध्यम से परीक्षा देने आ रहे अभ्यर्थियों ने ट्रेन की लेटलतीफी को लेकर रेल मंत्रालय को ट्वीट किया। गोविंद कुमार यादव नाम के एक अभ्यर्थी ने रेल मंत्रालय को ट्वीट किया है कि ‘सादर अवगत कराना है कि ट्रेन संख्या 02225 कैफियात एक्सप्रेस (आजमगढ़-दिल्ली) आज काफी देरी से चल रही है। आज अनेक परीक्षार्थियों की 11 बजे से परीक्षा है। जबकि समय से ट्रेन का पहुंचना संभव नहीं लग रहा है।’ ऐसे ही कई परीक्षार्थी ट्रेन की लेटलतीफी को लेकर ट्वीट करते रहे। रविवार को जीआईसी में प्रवक्ता की प्रारंभिक परीक्षा हुई। इस दौरान अन्य जनपद से आए परीक्षार्थी अपने घर जाने के लिए रोडवेज पर खड़े होकर बसों का घंटों इंतजार करते मिले। बस न मिलने से उन्हें काफी परेशानी हो रही थी। सबसे अधिक परेशानी परीक्षा देने आई महिला अभ्यर्थियों को हुई। कारण कि बस आते ही पुरुष दौड़कर बसों में बैठ जा रहे थे लेकिन महिलाएं नहीं बैठ पा रही थी। अन्य जनपदों से आए अभ्यर्थियों से आटो चालकों ने जमकर वसूली की। मौके का फायदा उठाते हुए आटो चालकों ने अभ्यर्थियों से निर्धारित किराए से अधिक किराया वसूला। ज्योति मौर्या ने बताया कि झंडा तिराहा से रोडवेज तक आने के लिए आटो चालक ने 20 रुपये किराया लिया। इसे लेकर उनसे बहस भी हुई लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था।
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