आजमगढ़। बढ़ी बिजली दर को वापस लेने, गेहूं का मूल्य दो हजार रुपये प्रति कुंतल करने, स्वामीनाथन कमीशन लागू कराने सहित विभिन्न मांगों को लेकर उप्र किसान सभा द्वारा सोमवार को कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित डा. अंबेडकर पार्क में धरना दिया गया। धरने के दौरान वक्ताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया।
कामरेेड इंतेयाज बेग ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार की जनविरोधी नीतियों के चलते सबसे ज्यादा किसान परेशान हो रहा है। किसानों केे लाभकारी मूल्य नहीं दिया जा रहा है। बिजली की दर लगभग 150 प्रतिशत बढ़ा दी गई जिससे किसानों के ऊपर बोझ बढ़ गया। वहीं पर हजारों करोड़ पूंजीपतियों के घर बकाया है उनसे वसूली नहीं हो रही है। गन्ना और धान क्रय केंद्रों पर भ्रष्टाचार बढ़ गया है। तौल में घपला किया जा रहा है जिससे किसान हीन भावना के शिकार हो रहे हैं। कर्ज नहीं कर पाने से किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। पूर्व विधायक रामजग ने कहा कि असहाय वृद्ध किसानों को वृद्घा पेंशन आज तक नहीं मिल रही है। जिसके कारण किसान और खेत मजदूरों की स्थिति दिन बदिन दयनीय होती जा रही है। भाकपा के जिला मंत्री श्रीकांत सिंह ने कहा कि जब से केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकारें बनीं है तब से लगातार किसानों, मजदूरों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गया है। सरकार अपराधियों पर अंकुश लगाने के बजाए उन्हें संरक्षण दे रही है। इस मोके पर खरपत्तू राजभर, दुर्बली राम, गुलाब मौर्य, बसीर मास्टर, महेंद्र यादव, विश्राम चौहान, रामकेवल, विश्राम यादव, रामचंद्र पटेल, मंगलदेव आदि उपस्थित थे।