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स्वेटर और जूते बिन ठिठुर रहे परिषदीय स्कूलों के बच्चे

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आजमगढ़। ठंड बढ़ने के बावजूद परिषदीय स्कूलों के बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंच रहे हैं। सूबे की सरकार की ओर से बच्चों को बांटने के लिए जूते तो पहुंच चुके हैं, लेकिन उनका वितरण सोमवार से ही शुरू हुआ है। स्वेटर वितरण के लिए ई-टेंडरिंग से ठेका होना है, इसे पूरा भी कर लिया गया है। अनुमति मिलने के बाद इसकी आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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प्रदेश में सपा सरकार के दौरान परिषदीय स्कूलों के बच्चों को बैग वितरण की योजना शुरू की गई थी। सत्ता बदलने पर सरकार में भाजपा की सरकार ने बच्चों को जूते-मोजे के साथ ही स्वेटर बांटने की भी घोषणा कर डाली। धूमधाम से बैग की वितरण तो कर दिया गया, लेकिन जूते-मोजे के साथ ही स्वेटर बांटने की अभी परवान नहीं चढ़ पाई है। जनपद में 3250 परिषदीय स्कूल हैं। इसमें 2267 प्राथमिक और 983 जूहा स्कूल है। इन स्कूलों में 352233 बच्चे पंजीकृत हैं। बच्चों के बांटने के लिए नवंबर माह में ही जूते पहुंचने शुरू हो गए थे। विभाग की ओर से 321752 बच्चों को जूते उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें सिर्फ 16798 जूते स्कूलों में पहुंचने अवशेष रह गए हैं। 304994 जूतों की आपूर्ति की जा चुकी है। अभी तक इन जूतों की बीआरसी केंद्रों पर सत्यापन का कार्य किया जा रहा। सोमवार को अतरौलिया में बच्चों के इसका वितरण शुरू हुआ है। धीरे-धीरे बच्चों को जूता मिलने की उम्मीद है। इस बीच उन्हें ठंड के इस मौसम में सुबह के समय उन्हें चप्पल में ही ठिठुरने को मजबूर होना पड़ रहा है। जूतों का वितरण शुरू होने के बाद इसके नंबर को भी लेकर रार उत्पन्न होने वाली है। क्योंकि बच्चों की उम्र और कक्षा के हिसाब से जूतों का आर्डर किया गया है। ऐसे में जूतों के नंबर को लेकर भी परेशानी पेश आएगी।

ई-टेंडरिंग के फेर में अटका स्वेटर
आजमगढ़। परिषदीय स्कूलों के बच्चों को स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए बीएसए की ओर से ही ई-टेंडरिंग करनी है। इसके बाद से कंपनी की ओर से जनपद को स्वेटर उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग की ओर से इन्हें एक साइट उपलब्ध कराई गई है, जिस पर ई-टेंडरिंग होनी है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो नेटवर्क की समस्या के कारण साइट खुल ही नहीं पा रही थी। अब इसे दूर कर ई-टेंडर तो कर दिया गया है। इसकी अनुमति मिलनी बाकी है। अनुमति मिलने के बाद इसकी भी आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। स्वेटर नहीं मिलने के कारण बच्चों को अभी भी ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचना पड़ रहा है।
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जूते पहुंच चुके हैं। कुछ सप्लाई आनी शेष रह गई है। सत्यापन के साथ ही इसके वितरण का काम शुरू कर दिया गया है। स्वेटर के लिए ई-टेंडरिंग हो चुकी है। सिर्फ अनुमति मिलनी बाकी रह गई है। आपूर्थि होते ही इसका भी वितरण शुरू करा दिया जाएगा। -डॉ. वीके शर्मा, प्रभारी बीएसए
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