आजमगढ़। जिले के परियोजना निदेशक दुर्गादत्त शुक्ल को प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज का क्या मिला उनकी कार्यशैली ही बदल गई। उन्होंने अपने नाम के आगे सीडीओ लगाकर कार्यालय पर बोर्ड भी लगा लिया। उनकी यह कार्यशैली विकास भवन के कर्मचारियों और फरियाद लेकर पहुंचने वाले वादकारियों के बीच चर्चा का केंद्र बन गई। मामला जिलाधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने तत्काल बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह का वैसे तो 17 अप्रैल को ही स्थानांतरण शासन स्तर से हो गया था, लेकिन वह 19 अप्रैल को अपना चार्ज डीडीओ को सौंपकर जनपद से रवाना हो गए। उनके जाने के बाद जिलाधिकारी ने 24 अप्रैल को परियोजना निदेशक को सीडीओ का अतिरिक्त चार्ज सौंपा। प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी का चार्ज मिलते ही परियोजना निदेशक दुर्गादत्त शुक्ल अपनी कार्यशैली के कारण चर्चा में आ गए। पहले उन्होंने सीडीओ की कुर्सी पर बैठकर कार्य करना शुरू कर दिया। सीडीओ की गाड़ी से आफिस आना जाना शुरू कर दिया। यहां तक तो ठीक था, दो दिन पहले पूर्व मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक सिंह की नेमप्लेट हटवाकर दुर्गादत्त शुक्ल के आगे सीडीओ का नेमप्लेट कार्यालय के बाहर लगवा दिया।
इसके साथ ही परियोजना निदेशक के पदनाम की पट्टी भी उनके कार्यालय में लगी थी। इससे जहां एक अधिकारी की दो जगह तैनाती को लेकर फरियादी परेशान थे । अधिकारी की बात थी इसलिए कोई भी खुलकर नहीं बोल रहा था। कोई फरियादी फरियाद लेकर मुख्य विकास अधिकारी के पास पहुंचता है तो मुख्य विकास अधिकारी के जगह पर परियोजना निदेशक का नाम देखकर चौक जाता है। मामला जिलाधिकारी के पास पहुंचा तो उन्होंने तुरंत नेमप्लेट हटवाने के निर्देश दिए हैं।