आजमगढ़। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का स्थापना दिवस मंगलवार को दलालघाट स्थित पार्टी कार्यालय पर मनाया गया। इस दौरान कामरेड बनारसी राम की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन हुआ।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलामंत्री श्रीकांत सिंह ने कहा कि भारतीय कम्युनिस्ट पाटी क ी स्थापना 1925 में कानपुर हुई थी। आगे कहा कि पार्टी के नेताओं ने देश की आजादी में अविस्मरणीय कुर्बानियां दी है। अंग्रेजों मेरठ, पेशावर, कानपुर, चटगांव में षडयंत्र किए जाने का आरोप लगाकर कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं को जेल में बंद किया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही पार्टी किसानों, मजदूरों का राज्य कायम करने के लिए और शोषण विहीन समाज की स्थापना के लिए अनवरत संघर्ष कर रही है। उत्तर प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष इम्तेयाज बेग ने कहा कि कम्युनिस्ट हिंसक नहीं होता है। अपने अधिकार के सतत प्रत्यनशील रहता है। आजादी के बाद भगत सिंह के समस्त साथियों ने कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली थी। कम्युनिस्ट पार्टी फांसीवाद, साम्राजवाद, सामांतवाद के विरुद्ध अनवरत संघर्ष करती रहेगी। इस अवसर पर श्याम प्रसाद शर्मा, मंगलदेव यादव, रामचंदर पटेल, गुलाब मौर्य, रामनेत यादव आदि उपस्थित रहे।