उत्तरप्रदेश के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा है कि अपने बुजुर्ग नेताओं से किनारा कर लेने की भाजपा की पुरानी आदत है।
भाजपा का यह इतिहास रहा है कि जो नेता बुजुर्ग हो गया पार्टी ने उससे अपना रिश्ता तोड़ दिया।
भाजपा ने अटल बिहारी वाजपेयी के साथ भी ऐसा ही किया था। अटल जी से बीमारी के समय शायद ही भाजपा का कोई नेता उनसे मिलने गया हो, लेकिन उनका नाम लेकर राजनीतिक फायदा उठाने की बात शायद ही कोई भाजपा नेता भूलता हो।
भाजपा में नरेंद्र मोदी को केंद्रीय चुनाव अभियान समिति का चेयरमैन बनाए जाने व लाल कृष्ण आडवाणी के पार्टी के सभी प्रमुख पदों से इस्तीफा दिए पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आजम खां ने कहा कि अब आडवाणी भी बुजुर्ग हो चले हैं।
हो सकता है भाजपा को अब उनकी जरूरत न हो। भाजपा में जो कुछ भी चल रहा है यह उनका अंदरुनी मामला है।
चिंता वाली बात यह है कि जिनके दामन पर दाग हो उनको संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं मिलनी चाहिए। नरेंद्र मोदी के दामन पर गुजरात दंगों के दाग हैं।