हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने अवमानना के एक मामले में यूपी जल निगम के चेयरमैन और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां समेत एमडी व मुख्य अभियंता को नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 31 जुलाई नियत कर इससे पहले जवाबी हलफनामा या आदेश के पालन का हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने कहा है कि अगर हलफनामा दाखिल किया गया तो पांच हजार रुपये बतौर हर्जाना भी देना होगा।
कोर्ट ने पूछा, क्यों न हो कार्यवाही?
अदालत ने यह भी ताकीद की है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो तीनों पक्षकारों को कारण बताना होगा कि, अदालत की अवमानना कानून के तहत उनके खिलाफ कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।
जस्टिस अजय लांबा ने यह आदेश जल निगम के रिटायर्ड कर्मी मोहन प्रसाद शर्मा की अवमानना याचिका पर दिया है।
फिक्स नहीं था वेतन, नहीं मिली पेंशन
याची के वकील गंगा सिंह के मुताबिक याचिकाकर्ता मोहन प्रसाद 30 नवंबर 2011 को रिटायर हुआ। उसका वेतन फिक्स नहीं था, लिहाजा उसकी पेंशन व सेवानिवृत्ति के लाभों को रिलीज नहीं किया गया।
इसके खिलाफ याची ने पहले हाईकोर्ट में एक अन्य रिट दायर की थी।
कोर्ट की बात नहीं मानी गई
इस पर अदालत ने 30 जनवरी 2013 को याची को सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ दिए जाने की बाबत दो माह में नियम कानून के तहत कार्यवाही कर एवं याची को सुनवाई का मौका देकर नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए थे।
इस आदेश का पालन न किए जाने पर याची ने अवमानना याचिका दायर की।