उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद कल्याण सिंह का कहना है कि मुजफ्फरनगर दंगा प्रदेश के मंत्री आजम खां की देन है।
उनके पक्षपातपूर्ण हस्तक्षेप के चलते छेड़खानी के आरोपियों पर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इससे माहौल बिगड़ा और घटना ने सांप्रदायिक रूप ले लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हालात अच्छे नहीं हैं।
ईमानदार-कर्मठ अधिकारी घुटन महसूस कर रहे हैं। कानून प्रशासन नाम की चीज नहीं रह गई। ऐसे में केंद्र सरकार को धारा 356 का प्रयोग कर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि दंगों की राजनीति करने वाली सपा मुस्लिम तुष्टीकरण एवं वोट के नाम पर पूरे प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में झोंक रही है।
दंगे के मुख्य आरोपियों को प्रदेश सरकार के मंत्री आजम खां ने छुड़वा दिया। दंगे की नींव उसी दिन पड़ गई। इसके बाद दंगाइयों के हौसले बुलंद हो गए और हालात बिगड़ गए।
भाजपा विधायकों की गिरफ्तारी को सरकार की मनमानी बताते हुए उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस के नेताओं की गिरफ्तारी से बचने वाली सरकार को जनमानस की भावनाओं एवं आक्रोश का अभी अंदाजा नहीं है।
उसे सबसे पहले दंगे के लिए जिम्मेदार आजम खां को बर्खास्त कर जेल भेजना चाहिए। वोट की यह घृणित राजनीति इस बार सपा को भारी पड़ेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस घटना को लेकर काफी विरोध है।