उत्तर प्रदेश के नगर विकास और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री आजम खां ने मुजफ्फरनगर में राहत कैंपों में रहने वाले दंगा पीड़ितों को भरोसा दिलाया है कि बहुत जल्द उन्हें उनके गांवों में हिफाजत के साथ पहुंचाया जाएगा।
राज्य सरकार ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है और जल्दी ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।
आजम ने सोमवार को जारी एक बयान में कहा कि जहां पर किसी समुदाय की तादाद बहुत कम है या वे ऐसे दूरस्थ गांवों में रहते हैं जहां पर पुलिस का समय से पहुंचना मुश्किल होता है।
सरकार ऐसे असुरक्षित महसूस करने वालों के लिए सुरक्षित जगह पर आवासों की जल्द व्यवस्था करेगी। पीड़ितों को यकीन दिलाया कि उनका जो भी माली नुकसान हुआ है उसकी भरपाई करने की पूरी कोशिश की जा रही है।
लोगों को आगाह किया कि वे ऐसे लोगों से हमेशा सावधान व सतर्क रहें जो सियासी तौर पर हमें ठगना चाहते हैं, हमारी सियासी ताकत को विभाजित करना चाहते हैं।
आजम ने कहा कि ऐसे लोग चांदी की प्लेट में सत्ता की कुंजी सजाकर ऐसे फासिस्टों के हवाले करना चाहते हैं जो गुजरात की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिकता की आग को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने पूरे यकीन से कहा कि कमजोर लोगों को चाहे वे किसी भी समुदाय के क्यों न हो, उन्हें मौत के सौदागरों के रहम-ओ-करम पर नहीं छोड़ा जाएगा।
उनके लिए कड़ी सुरक्षा की व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी। आजम ने प्रदेशवासियों से पुरजोर अपील की है कि परीक्षा की इस घड़ी में पूरे धैर्य से काम लें।
इन मुश्किल हालात में जरूरत इस बात की है कि बड़ी सूझबूझ के साथ फैसला लिया जाए, ताकि हमदर्दों की हमदर्दी बनी रहे और दुश्मन भी ताकतवर न बन सके।