हिंसा का तांडव थम जाने के बावजूद गंगनहर में शवों के मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। सोमवार को गंगनहर से चार शव और मिले, जिनमें तीन एक साथ जटवाड़ा गंगनहर से बरामद हुए।
दो शव जले हुए थे। चौथा शव चित्तौड़ा झाल से मिला है। इसके साथ ही नंगला मंदौड़ की पंचायत के बाद नहर से बरामद हुए शवों की तादाद 14 पहुंच गई है, हालांकि अफसर इन शवों को हिंसा से जोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
पुलिस रिकार्ड में तो कोई गुमशुदगी नहीं आ रही है, लेकिन जिले में लगातार शव बरामद हो रहे हैं। सोमवार शाम चार बजे खेतों में काम कर रहे किसानों को जटवाड़ा गंगनहर में तीन शव अटके हुए दिखाई दिए।
ग्रामीणों की मदद से निकाले शव
पूरे इलाके में शोर मचा तो मौके पर सैकड़ों लोगों का तांता लग गया। सूचना के करीब एक घंटा बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से तीनों शवों को बाहर निकाला।
दूसरी ओर सिखेड़ा थाना क्षेत्र के चितौड़ा झाल में भी एक युवक का नग्न शव फंसा मिला। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को परीक्षण के लिए भेज दिया।
जटवाड़ा नहर में शव कहां से आए, इसके को लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कु छ लोग उन्हें जौली अथवा दूसरी हिंसा से जोड़ रहे हैं।
डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी प्रवीण कुमार का कहना है कि इन शवों को हिंसा से जोड़ा जाना सही नहीं है, क्योंकि गंगनहर में लाशें बहकर आने का ट्रेंड बरसों पुराना है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक हिंसा में अब तक 39 लोगों की मौत हुई है, जबकि छह लाशें ऐसी हैं, जिनके बारे में परीक्षण कराया जा रहा है। कप्तान के मुताबिक हर शव का डीएनए सैंपल सुरक्षित किया गया है।
किसके हैं जूते-चप्पल?
गंगनहर में लाशों के साथ कई दर्जन जूते-चप्पल भी बरामद हुए हैं, जो बड़ी हिंसा की तरफ इशारा कर रहे हैं। पुलिस ने उन्हें भी निकाल लिया है।
गौरतलब है कि यह खबर आई थी कि हमले के दौरान काफी लोग जान बचाने के लिए पानी में कूद गए थे।