‘मैं आपसे हाथ जोड़कर गुजारिश करता हूं कि मेरी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दीजिए। नगर विकास मंत्री आजम खां ने हमें तबाह कर दिया। वह मुझे मरवा भी सकते हैं।' यह कहते-कहते रामपुर के युवा उद्यमी फैसल खां बिलख पड़ते हैं।
विधायक काजिम अली काफी देर तक उन्हें ढांढस बंधाते हैं। फैसल का कहना है कि मुख्यमंत्री से सीधे मिलने से आजम इतने नाराज हुए कि उनकी दो फैक्ट्रियों और फ्रूट मंडी की आढ़त का लाइसेंस निरस्त करा दिया। फैक्ट्री की बिजली कटवा दी और रात को एक बजे घर पर छापा डलवाया। उत्पीड़न की कार्रवाई अभी रुकी नहीं है।
फैसल ने बताया कि 22 मई को वह लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आईआईए के सम्मेलन में आए थे। वहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से हुई। उन्होंने कुछ समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री के सचिव आमोद कुमार ने उसी समय इस बाबत डीएम रामपुर से बात करके उद्योगों को बेहतर माहौल देने का निर्देश दिया।
फैसल के अनुसार मुख्यमंत्री से यही मुलाकात उनके लिए आफत का सबब बन गई। आजम खां उनसे इतना नाराज हुए कि उत्पीड़न शुरू करा दिया।
आजम ने निजी ट्रस्ट के लिए कब्जाई शत्रु संपति
रामपुर जिले के स्वार टांडा के विधायक काजिम अली ने भी आजम खां पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि नगर विकास मंत्री ने निजी ट्रस्ट के लिए सैकड़ों बीघा शत्रु संपति पर कब्जा कर लिया है। यह जमीन विश्वविद्यालय परिसर के भीतर है। काजिम ने कहा, रामपुर में शासन-प्रशासन नहीं आजम खां का आदेश चलता है।