अयोध्या। विश्वमांगल्य सभा की ओर से सात-आठ फरवरी को नारी शक्ति सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन जानकी घाट स्थित श्रीराम वल्लभा कुंज बड़े हनुमान जी में होगा। सम्मेलन में दो दिनों तक भारतीय संस्कृति के विविध पहलुओं पर मंथन किया जाएगा। सम्मेलन में अवध के नौ जिलों की लगभग 1500 महिलाएं प्रतिभाग करेंगी।
संस्था की जिला संयोजक पूजा तिवारी ने बताया कि इस दौरान अवध संस्कृति की प्रदर्शनी लगेगी। इसमें भाषा, भूषा, भ्रमण, भोजन, भजन व भोजना रहेगा। सप्तमातृका सम्मान समारोह के साथ ही महिला संस्कृति नगर परिक्रमा, विविध भारतीय परंपराओं का उत्सव होगा।
समग्र सांस्कृतिक भारतीय जीवनचर्या आधारित प्रदर्शनी भाषा, भूषा, भ्रमण, भोजन, भजन, भवन होगा। प्रभातफेरी जानकी घाट से लता चौक तक निकाली जाएगी। यह अधिवेशन परंपरा व प्रगति पर केंद्रित है जिसमें भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षण व समृद्धि प्रदान करने का संकल्प लिया जाएगा।
इसके साथ ही मातृत्व की भूमिका को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप सकारात्मक आयाम प्रदान किया जाएगा। यह अधिवेशन मातृ शक्ति को जोड़ने, जागृत करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान की दिशा में होगी। अधिवेशन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख स्वांत रंजन, भगवती बलदवा, परिवार संपर्क विभाग की प्रदेश संयोजक नम्रता पाठक, विश्व मांगल्य सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा देवी खंडेलवाल, उपाध्यक्ष नलिनी हावरे, राष्ट्रीय मार्गदर्शक प्रशांत हरतालकर व राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. वृशाली जोशी मौजूद रहेंगी।