अयोध्या। सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी बसंतिया पट्टी के संत योगाचार्य स्वामी महेश योगी ने दो अप्रैल को प्रतिदिन 11 घंटे कपालभाति करने का संकल्प लिया था। शुक्रवार को हनुमानगढ़ी में श्री हनुमान जी के सम्मुख ( सुबह चार बजे ) मंगला आरती से ( रात 11 बजे ) शयन आरती तक कपालभाति किया और अनवरत साधना के सौ दिन पूरे हुए। इन्होंने 100 दिन की साधना पूर्ण करने के साथ ही लगभग 1100 घंटे में कपालभाति प्राणायाम के एक करोड़ स्ट्रोक लगाकर एक आश्चर्य जनक कीर्तिमान बनाकर अयोध्या धाम का गौरव बढ़ाया है।
स्वामी महेश योगी ने निराहार रहकर लगातार 80 दिनों में अष्टसिद्धि योग साधना पूर्ण की। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग बनाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम को भेजा गया है। वहां से रिकॉर्ड की संस्तुति हो गई है केवल प्रमाण पत्र मिलना बाकी है। इसके बाद वे 71 दिनों तक रूद्र राजयोग की साधना कर रहे हैं। भारत के चारों दिशाओं में चार दिव्य योगधाम की स्थापना करना है, जिसमें ( पश्चिम भारत गुजरात में रूद्र धाम, उत्तर भारत जम्मू कश्मीर में हनुमत धाम, दक्षिण भारत केरल में रामेष्ठ धाम, पूर्वी भारत मेघालय में पिगाक्ष धाम) और अयोध्या की पावन भूमि पर ब्रह्मर्षि वशिष्ठ योगपीठ की स्थापना करना है।यह योग धाम आध्यात्मिक केंद्र के साथ-साथ प्राचीन भारतीय संस्कृति के अनुरूप योगतत्व, ज्ञानतत्व, ऋषि दर्शन, वैदिक दर्शन, धार्मिक शिक्षा व साधना का प्रमुख केंद्र होगा।