अयोध्या। सिविल जज सदर के न्यायालय में दो सगे भाइयों ने 13 साल पुराने दीवानी के मुकदमे को सुलह-समझौता के आधार पर समाप्त कर लिया। लोक अदालत में इसी तरह सिविल के 22 मुकदमों का निस्तारण हुआ। इसमें 13 मामले के उत्तराधिकार के रहे।
खंडासा क्षेत्र के राम पुजारी व राम बहादुर ने जमीन के बंटवारे को लेकर दीवानी मुकदमा कोर्ट में दाखिल किया था। दोनों भाइयों की उम्र वृद्धावस्था की हो गई थी। शनिवार को लोक अदालत के दिन आपस में सुलह करके मुकदमा समाप्त कर लिया। अतिरिक्त न्यायालय में सुलह-समझौते से मुकदमा समाप्त कराने पर पीड़िता को 3.18 लाख का लाभ हुआ। श्रीराम फाइनेंस कंपनी से सीमा ने 5.18 लाख रुपये वाहन के लिए फाइनेंस कराया था। पीठासीन अधिकारी अमरनाथ कुशवाहा ने दोनों पक्षों के मध्य सुलह-समझौता कराकर दो लाख रुपये जमा कराकर मुकदमा समाप्त कराया। वहीं, वहीं, चेक बाउंस के 59 मामले निस्तारित हुए।
अपर जिला जज अशोक कुमार दुबे की अदालत पर 2022 से दुर्गेश सिंह व श्रीराम फाइनेंस कंपनी के बीच वर्ष 2015 में लिए गए ऋण के बाबत मुकदमा चल रहा था। दोनों पक्षों में 1.60 लाख रुपये जमा करने की सहमति पर सुलह हो गई। फेमिली कोर्ट से पारिवारिक मामले के 38 मुकदमों का निस्तारण हुआ। न्यायाधीश राहुल कुमार कात्यान ने वर्ष 2022 से अलग-अलग रह रही बीकापुर निवासी राहुल व पूराकलंदर क्षेत्र की अर्चना को एक साथ रहने को राजी किया। वहीं वर्ष 2008 से भरण-पोषण का मुकदमा लड़ रही संजना को जीवनयापन के लिए उनके पति राकेश ने धनराशि देकर मुकदमा समाप्त कराया। प्रधान पारिवारिक न्यायालय की कोर्ट से 29 मामलों में समझौता हुआ।
अपर पारिवारिक न्यायाधीश अल्पना सक्सेना की अदालत में भी सुलह-समझौता के आधार पर नौ मुकदमें खत्म हुए। वर्ष 2018 में बीकापुर क्षेत्र के गयासपुर की रहने वाली नंदनी पाल का विवाह शाहगंज निवासी शिव शंकर पाल से हुआ, लेकिन मनमुटाव के कारण 10 दिसंबर, 2020 से वह अलग रह रहे थे। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों में सुलह कराया और दंपति एक साथ रहने को राजी हुए। गोंडा निवासी कमलेश ने वर्ष 2022 में 12 लाख रुपये का ऋण श्रीराम फाइनेंस से लिया था। कामर्शियल कोर्ट की अदालत से छह लाख रुपये में सुलह हुई।