रथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व अयोध्या सांसद-प्रत्याशी लल्लू सिंह सवार रहे। रोड शो सुग्रीव चौक से लता चौक (लगभग दो किमी.) तक निकला। सुग्रीव किला से प्रारंभ रोड शो राम मंदिर के मुख्य द्वार, रामपथ होते हुए लता चौक पहुंचा। दो किमी. की दूरी तय करने में लगभग एक घंटे से अधिक समय लग गया। इस दौरान पूरी अयोध्या जगमगाती रही।
रोड शो में शामिल आंखें मानो बोल रही थीं कि अयोध्या में सिर्फ भगवान, भगवा और भाजपा रहेगी। इन लोगों ने विश्वास दिलाया कि जो राम को लाए हैं, हम उनको ही लाएंगे। पूरे रास्ते लोग मोदी-योगी के समर्थन में नारे लगा रहे थे तो यह दोनों नेता हाथ जोड़ अभिवादन भी कर रहे थे और कमल का फूल दिखाकर वोट की अपील भी। लता चौक पहुंचने के बाद मोदी-योगी ने कुछ दूर पैदल चल कर भी आमजन की हौसलाअफजाई की।
महज छह महीने के भीतर नरेंद्र मोदी तीसरी बार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अनगिनत बार रामनगरी पहुंचे। बारम्बार योगी आदित्यनाथ हनुमानगढ़ी और रामलला सरकार के चरणों में श्रद्धा निवेदित करते हैं। 500 वर्ष बाद भारत को यह सौभाग्य मिला कि राघव अपनी अयोध्या में विराजमान हुए।
अवध में होली खेली तो आंगन में जन्मोत्सव भी मनाया। पूरा देश यह अवसर उपलब्ध कराने का सारथी मोदी-योगी को मानता है। आज जब फिर अयोध्यावासियों ने इनका दीदार किया तो दिल से कह उठे, मोदी-योगी जी को जयश्रीराम।
रविवार को जब मोदी-योगी की जोड़ी दिखी तो फिर रामनगरी के दिलोदिमाग पर छा गई। रोड शो के रास्ते में कहीं शंख की पुरजोर ध्वनि गूंज रही थी तो कहीं महिलाएं मोदी की आरती उतार रही थीं। कलाकारों ने नृत्य के माध्यम से अवध की संस्कृति की झलक भी दिखाई।
रोड शो में रथ के आगे-आगे भगवा व भाजपा के रंग में रंगी महिलाएं चल रही थीं। वहीं सड़क के दोनों तरफ हुजूम उमड़ा था। यह हुजूम सिर्फ अयोध्या या आसपास के क्षेत्रों का नहीं था, बल्कि यहां दर्शन करने आए दूसरे राज्यों व जनपदों के लोग भी मोदी-योगी की एक झलक पाने को आतुर दिखे।
रास्ते में लिखे शब्द सरयू सरिता करे पुकार, मोदी जी बारम्बार अयोध्यावासियों के प्रेम को दर्शा रहे थे। भीड़ इतनी जबर्दस्त थी कि तिल तक रखने की जगह नहीं थी। वहीं बच्चे-बुजुर्ग से लेकर महिला-युवा तक दोनों जननेताओं की छवि मोबाइल में कैद करने को बेताब दिखे।
अयोध्या एक मात्र ऐसा जनपद है, जहां लगभग 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक के काम एक साथ चल रहे हैं। यहां विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन बना तो महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की सौगात भी मिली यानी कमल पर बैठकर विकास रूपी लक्ष्मी यहां पहले ही आ चुकी हैं। यह तेजी से पूरे अयोध्या में फैल रही हैं।
रोड शो के दौरान जगमगाती इमारतें, आसपास के क्षेत्र भी इस बात की गवाही दे रहे थे। भाजपा का संदेश 'विकास भी-विरासत भी' का नजारा अयोध्या में बखूबी दिख रहा था।