अरविंद व उनकी बेटी आर्या की फाइल फोटो।
सोहावल। गंगा एक्सप्रेसवे पर बदायूं-शाहजहांपुर सीमा के पास हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले अरविंद दुबे (48) और उनकी बेटी आर्या (15) का शव बृहस्पतिवार शाम पैतृक गांव अयोध्या लाया गया। बृहस्पतिवार देर शाम गमगीन माहौल में पिता-पुत्री का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अरविंद परिवार के साथ विजयदशमी पर गांव झामदुबे पुरवा, कोडडीह, सरैया बड़ागांव आए थे। यहां हवन-पूजन और भंडारे के बाद बुधवार को स्कॉर्पियो से दिल्ली स्थित अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 8:40 बजे गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में अरविंद और उनकी बेटी आर्या की मौत हो गई, जबकि गाड़ी में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिवार के करीबी राजेश कुमार तिवारी के मुताबिक, हादसे में अरविंद की पत्नी रुपाली (45), बेटा उत्कर्ष (12), बहन सुनीता और भांजी कलश घायल हुए हैं। उनका बरेली के एक निजी अस्पताल और दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार चल रहा है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और गांव में मातम पसर गया।
अरविंद अपने भाइयों के साथ दिल्ली में पेंट बनाने की फैक्टरी चलाते थे। वह ठेके पर काम भी करते थे। उनके भाई ओम प्रकाश दुबे पुलिस विभाग में सेवारत हैं। परिवार में विजयदशमी पर हवन-पूजन और भंडारे के आयोजन की परंपरा रही है। इस बार भी वह परिवार के साथ गांव आए थे। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दिल्ली लौट रहे थे। इसी बीच हादसा हो गया।