अयोध्या। रामनगरी में भगवान ऋषभदेव के 101 पुत्रों के दर्शन होंगे। भगवान ऋषभदेव दिगंबर जैन मंदिर बड़ी मूर्ति रायगंज में संचालित विश्व शांति महोत्सव के क्रम में भगवान ऋषभदेव स्वामी के 101 मोक्षगामी पुत्रों के जिन मंदिर का भव्य शिलान्यास किया गया। भगवान ऋषभदेव के 101 पुत्रों की जन्मभूमि अयोध्या में उनकी 101 प्रतिमाएं बनवाकर भव्य जिन मंदिर का शिलान्यास किया गया। भगवान अजितनाथ के जन्मकल्याणक के अवसर पर जिन मंदिर में वेदी का भव्य शिलान्यास हुआ।
जैन तीर्थ के प्रवक्ता विजय कुमार जैन ने बताया कि 28 फरवरी से पांच मार्च तक होने वाले भव्य पंचकल्याणक में भगवान ऋषभदेव के 101 पुत्रों की प्रतिमाएं मंदिर में भव्य समारोह के साथ स्थापित की जाएंगी। जैन मंदिर रायगंज के पीठाधीश रविंद्रकीर्ति स्वामी ने बताया कि चक्रवर्ती भगवान भरत, बाहुबली एवं ऋषभसेन समेत 101 पुत्रों ने अयोध्या की पुण्य धरा पर जन्म लिया एवं मोक्ष को प्राप्त किया। अभी तक इन भगवंतों का मंदिर नहीं था। जैन समाज की वरिष्ठतम साध्वी गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से मंदिर का निर्माण किया गया। संस्कृति की पहचान कराने के लिए यहां यह प्रतिमाएं विराजमान की जा रही हैं। भव्य तीन लोक की रचना का निर्माण हो रहा है। जिसमें सात नरक एवं 16 स्वर्ग का वर्णन किया गया है। उनमें स्थापित सभी चीजें आगम के अनुसार बनाई जा रही हैं। उनका भी पंचकल्याणक आगामी मार्च में संपन्न किया जाएगा।
इस अवसर पर गणिनी प्रमुख ज्ञानमती माताजी ने कहा कि जिनमंदिर के निर्माण का बहुत बड़ा पुण्य होता है। आगम में बताया गया कि धनिया की पत्ती के बराबर मंदिर एवं सरसों के दाने के बराबर प्रतिमा विराजमान करने से अनंत गुणा व्यक्ति पुण्य प्राप्त करता है। इसलिए शाश्वत भूमि पर आज इस मंदिर का निर्माण संस्कृति की एक अमिट धरोहर है। यह जिनमंदिर समस्त राष्ट्र देश व समाज के लिए मंगल कार्य है। जन-जन के लिए उन्नति का कारण है। यह सदैव विश्व शांति का संदेश देता रहेगा।