उत्कर्ष मिश्रा डॉ. राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय में बीएससी-प्रथम वर्ष के छात्र हैं। वे विश्वविद्यालय की तरफ से अयोध्या दिव्य दीपोत्सव 2021 कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आए 14 हजार छात्रों में से एक हैं। उन्हें उम्मीद है कि अयोध्या में हो रहा विकास भविष्य में उन्हें स्थानीय स्तर पर उन्हें बेहतर नौकरी के अवसर देगा। अब तक जिन नौकरियों के लिए युवाओं को दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे शहरों की ओर रूख करना पड़ता था, वे अब उनके शहर में उनके निवास के आसपास उपलब्ध होंगी। वे इसे अयोध्या और उत्तर प्रदेश के विकास में एक बड़े बदलाव के रूप में देख रहे हैं।
लेकिन जिस प्रकार उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अयोध्या में भगवान राम से जुड़े पंच कोसी, 14 कोसी और 84 कोसी मार्ग को विकसित करने का निर्णय लिया है, अनेक धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर का श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करने की योजना बन रही है, उससे युवाओं को उम्मीद है कि भविष्य में उन्हें स्थानीय स्तर पर टॉप क्लास की नौकरियां मिलेंगी।
आध्यात्म और आयुर्वेद के क्षेत्र में इस समय देश-विदेश की अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियां काम कर रही हैं। इनमें से अनेक कंपनियों ने अयोध्या में अपने लिए स्थान सुरक्षित कराया है। पतंजली आयुर्वेद, आर्ट ऑफ लिविंग और उत्तराखंड सरकार ने यहां अपने लिये स्थान सुरक्षित करवाकर यहां ध्यान केंद्र और आयुर्वेद को विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है। दक्षिण भारत की भी अनेक धार्मिक संस्थाएं जो गिद्दा जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में काम कर रही हैं, यहां विकास के काम कर रही हैं। इससे इस क्षेत्र में आयुर्वेद को एक बेहतर पहचान मिलने की उम्मीद है।
छात्र इन योजनाओं से पूरी तरह परिचित हैं। अवध यूनिवर्सिटी की छात्र अंजली यादव का कहना है कि अयोध्या के विकास से केवल अच्छी नौकरियों के अवसर ही नहीं मिलेंगे, बल्कि जो युवा अपना स्वरोजगार करना चाहेंगे, उनके लिए भी भारी स्तर पर अवसर उपलब्ध होंगे। होटलों, रेस्टोरेंट्स, ढाबा, मोटेल, ट्रांसपोर्ट, पर्यटन, गाइड, स्वास्थ्य में भारी रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार यहां आध्यात्मिक केंद्रों का विकास कर रही है और आयुर्वेदिक चिकित्सा के अवसर बढ़ेंगे। चूंकि वे हेल्थ एंड फिटनेस से जुड़ी हुई हैं, वे आयुर्वेदिक चिकित्सा पर आधारित अपना फिटनेस सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही हैं।
यूपी सरकार अयोध्या में श्रीराम इंटरनेशनल एयरपोर्ट विकसित करने की घोषणा कर चुकी है। पूरी तरह वातानुकूलित अयोध्या रेलवे स्टेशन का विकास अपने अंतिम चरण में है। अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने अमर उजाला को बताया है कि अगले महीने दिसंबर तक इसका लोकार्पण हो सकता है। इसके बाद दिल्ली-मुंबई से यहां तक के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध होंगी। सरकार की योजना है कि शुरुआती चरण में यहां प्रतिदिन कम से कम एक लाख धार्मिक पर्यटक यहां पहुंचें। बाद में यह लक्ष्य पांच करोड़ पर्यटक वार्षिक तक के लक्ष्य को हासिल करना है।