फोटो-11एयूआरपी-41 राधाकृष्ण का स्वरुप बने युवक व युवती। संवाद
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फफूंद। नगर के कटरा हेमनाथ मोहल्ला स्थित राधाबल्लभ मंदिर में महिलाओं ने फूलों की होली खेली। राधा-कृष्ण के स्वरूपों की पूजा-अर्चना की गई। मान्यता है कि रूठी राधारानी को मनाने के लिए श्रीकृष्ण ने फूलों की होली खेली थी। यह दिन फुलेरा दूज के नाम से प्रसिद्ध है।
मंदिर में गुरुवार को रंजना दीक्षित ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल का तिलक लगाया और फूलों से खेली। संरक्षक किरन पांडेय ने बताया कि श्रीकृष्ण की पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण काफी दिनों तक राधारानी से मिल नहीं पाए। इस वजह से राधारानी उनसे रूठ गई थी। उनके रूठने से फूल, पेड़, पौधे सब मुरझाने लगे थे।
एक दिन भगवान श्रीकृष्ण राधाजी से मिलने बरसाना पहुंच गए। श्रीकृष्ण से मिलकर राधारानी और गोपियां प्रसन्न हो गईं। प्रकृति में फिर हरियाली छा गई। श्रीकृष्ण ने एक फूल तोड़कर राधा जी पर फेंका दिया। राधारानी ने भी एक फूल तोड़ा और श्रीकृष्ण पर फेंक दिया।
यह देखकर गोपियां भी फूल तोड़कर एक-दूसरे पर फेंकने लगीं। इस तरह से फूलों की होली शुरू हो गई। पुजारी मनोज कुमार दीक्षित, महेश चंद गुप्ता, मोनी शुक्ला, किरन पांडेय, पूनम अवस्थी, नीरज अवस्थी, सन्नो कुमारी, सोनी पांडेय, पुष्पा शुक्ला, सीमा शुक्ला, गौरी अग्निहोत्री, राजू कुशवाहा समेत कई लोग मौजूद रहे।