औरैया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को बसों में मुफ्त सफर का तोहफा दिया लेकिन सवारियां अधिक होने से व्यवस्था धड़ाम हो गई। डिपो पर हाल ये रहा कि बसें भरे होने के बाद भी सवारियों की लाइन लगी रही। इसमें महिलाएं तो पीछे रह गईं और पुरुष पहले चढ़ते दिखे। कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें सीट ही नहीं मिली तो कुछ ने बस छूटने और घंटों इंतजार के बाद भी बस न मिलने की बात कही।
रक्षाबंधन पर बहनों को सफर के दौरान किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए विभागीय अधिकारियों ने दो दिन पहले ही तैयारियां पूरी करने की बात कही थी। रणनीति बनाकर बसों का संचालन किया गया लेकिन व्यवस्था फेल हो गई। रविवार सुबह से ही डिपो व आसपास भीड़ रही। बस आती और चढ़ने की आपाधापी शुरू हो जाती। इसमें महिलाएं पीछे रह जातीं।
बस छूटने पर मजबूरी में उन्हें डग्गामार व निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कड़ी धूप में इटावा, उरई, झांसी, कन्नौज, रसूलाबाद जाने वाली महिलाओं को इंतजार करना पड़ा। बस में सीट पाने के लिए महिलाओं को धक्के खाने पड़े। महिलाएं बस में खड़े होकर सफर करते भी दिखीं।
करनी पड़ी मशक्कत
बिधूना। कस्बे के भगत सिंह चौराहे पर बहनों को बस में चढ़ने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। चौराहे पर कानपुर जाने वाली बसों के लिए लंबी लाइन देखने को मिली। (संवाद)
जाम की भी परेशानी
औैरैया। भीड़ और बाजार खुलने के कारण मुख्य मार्गों पर जाम भी लगा रहा। शहर में सुभाष चौराहा, संजय गेट, ब्लॉक गेट, जेसीज चौराहे के समीप बार-बार जाम लगने से लोग परेशान रहे। (संवाद)
पास के रूटों पर कमी खली
यात्री सावित्री देवी ने बताया कि रक्षाबंधन पर हर बार सवारियां सड़कों पर अधिक होती हैं। इसको देखते हुए बसों की संख्या पास के रूटों पर बढ़ाई जानी चाहिए थी। इससे महिला यात्रियों को परेशानी न होती।
भटकते रहे
रूबी ने बताया कि कड़ी धूप में बस का इंतजार करना पड़ा। उरई जाने के लिए डेढ़ घंटे के बाद बस मिली है। बस के इंतजार में भटकने को मजबूर होना पड़ा।