औरैया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त बनाने की पहल कर रहा है। इसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वॉशिंग पाउडर का उत्पादन करेंगी। इस प्रयास से ग्रामीण क्षेत्रों की गरीबी दूर करने का लक्ष्य रखा गया है।
एनआरएलएम वॉशिंग पाउडर की दैनिक खपत को आधार बनाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षण, कम्युनिटी निवेश फंड और कारोबार स्थापित करने में मदद मिलेगी। थोक कारोबारियों के साथ अनुबंध भी कराया जाएगा ताकि उत्पाद की बिक्री सुनिश्चित हो। जिले में गमा देवी स्वयं सहायता समूह ने आंवले के लड्डू से कारोबार बढ़ाया है।
अब बिधूना क्षेत्र की महिलाएं वॉशिंग पाउडर बनाने में विशेषज्ञता हासिल करेंगी। सितंबर में प्रशिक्षण शुरू होगा और दिल्ली से रॉ मटेरियल की आपूर्ति होगी। अधिकारियों के अनुसार, वॉशिंग पाउडर रॉ मटेरियल से आसानी से तैयार होता है। कम कीमत पर इसकी बिक्री बढ़ने की संभावना है।
वॉशिंग पाउडर बनाने की प्रक्रिया
समूह की महिलाएं सोडा, डोलोमाइट, टिनोपॉल, स्लरी एसिड, नमक, रंग और इत्र का मिश्रण करेंगी। यह मिश्रण पाउडर के आकार में तैयार होगा। इसकी एक पाव से एक किलो तक की पैकिंग की जाएगी। उत्पाद की पैकेजिंग ब्रांडेड वॉशिंग पाउडर की तरह होगी। स्थानीय स्तर पर एक लोगो और नाम भी दिया जाएगा।
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वॉशिंग पाउडर को रॉ मटेरियल के जरिये आसानी से तैयार किया जा सकता है। इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षण देकर कारोबार खड़े करने की वृहद तैयारी बनाई गई है। उत्पाद बनाने और थोक कारोबारियों से अनुबंध तक हर स्तर पर मदद दी जाएगी।
-अर्पित सिंह, जिला मिशन प्रबंधक एनआरएलएम