औरैया। डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए अस्पताल संचालक व कर्मचारी को पुलिस ने पूछताछ के बाद शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस की टीम अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दे रही है। दो दिन पहले यमुना नदी में छलांग लगाने से पहले डॉक्टर ने अस्पताल संचालक उसके बहनोई व अन्य पर प्रताड़ित करने और बंधक बनाकर पीटने का आरोप लगाया था।
लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी इलाके के निवासी डॉ. सौरभ वाजपेई (30) शहर के मोहल्ला तिलक नगर स्थित रामऔतार मेमोरियल हॉस्पिटल में करीब तीन साल से तैनात थे। 15 जुलाई की शाम डॉ. सौरभ यमुना पुल पर पहुंचे। वहां मोबाइल फोन से फेसबुक पर लाइव आकर नदी में छलांग लगा दी थी। 16 जुलाई को सर्च ऑपरेशन के दौरान 15 घंटे बाद डॉक्टर का शव बरामद हुआ था।
पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजन के सुपुर्द कर दिया था। उधर, यमुना में छलांग लगाने से पहले डॉक्टर ने तीन पर फेसबुक लाइव पर अपनी व्यथा सुनाई थी। इसमें डॉक्टर ने उनके साथ मारपीट और बंधक बनाए जाने के बारे में बताया था। अस्पताल प्रबंधन पर उत्पीड़न करने और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लगाया था।
मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को अस्पताल संचालक एसपी सिंह व कर्मचारी मोहन को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि इस मुकदमे में नामजद आरोपी सर्वेश सिंह व गौरव अभी लापता हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अपर पुलिस अधीक्षक आलोक मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार को पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। वहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। शेष आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही है।
डूबने से हुई थी डॉक्टर की मौत
डॉक्टर की मौत के मामले में बृहस्पतिवार रात पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। पुलिस के अनुसार पानी में डूबने से डॉक्टर की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि एहतियातन पुलिस ने विसरा सुरक्षित किया है।
डॉक्टर की मौत पर सपा ने कसा तंज
औरैया। जिले में दो दिन पहले डॉक्टर सौरभ के यमुना नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या करने के मामले ने समाजवादी पार्टी ने प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय प्रशासनिक तंत्र पर तंज कसा है। सपा ने सोशल मीडिया एक्स पर एक के बाद एक तीन पोस्ट साझा दी हैं।
समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से किए गए एक्स पोस्ट पर लिखा है कि यूपी में जातिवाद और गुंडाराज चरम तांडव पर है। आरोप लगाया गया कि डॉक्टर को जातीय भेदभाव के कारण इस कदर प्रताड़ित और अपमानित किया कि उन्हें मानसिक तनाव में आकर यमुना में छलांग लगाने पर मजबूर होना पड़ा। उधर, एक दिन पहले सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने भी पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए थे। (संवाद)
फोटो -22- एक्स पर समाजवादी पार्टी मीडिया सेल की दूसरी पोस्ट।