औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार ने बिधूना कोतवाली क्षेत्र में 10 साल पहले घर में घुसकर लड़की से छेड़छाड़ करने के दो दोषी बबलू व हरिओम को तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने दोनों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पीड़िता के पिता की ओर से विचारण में बयानों से मुकर जाने व पक्षद्रोही हो जाने पर उसके खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस भी जारी किया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी ने बिधूना ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि बेटी बिधूना में रहकर बच्चों को पढ़ाती है। बबलू निवासी लोहिया नगर बेटी के साथ छेड़छाड़ करता था। 19 सितंबर 2016 की शाम चार बजे बबलू व हरिओम घर पर आए और बेटी को पकड़ कर छेड़छाड़ की थी। विरोध करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। बाद में बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया था।
शोर सुनकर परिवार के लोग इकट्ठा हो गए और बबलू को मौके से पकड़ लिया था। इसके बाद उसे कोतवाली ले गए, जबकि दूसरा आरोपी हरिओम मौके से भाग गया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। जांच के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामला अपर सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार के समक्ष चला। शुक्रवार को मामले की सुनवाई की गई। इस दौरान वादी ने कोर्ट के समक्ष तहरीर में किए गए कथनों के खिलाफ बयान दिए।
कोर्ट ने लिखा कि स्पष्ट है कि वादी की ओर से सत्य के प्रति आदर नहीं दर्शाया गया। इसके अलावा महत्वपूर्ण तथ्यों को न्यायालय में छिपाया गया। ऐसे में कोर्ट ने वादी के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस जारी करने के आदेश दिए। कोर्ट ने हत्या के प्रयास को नहीं माना। घर में घुसकर छेड़छाड़ के आरोप में बबलू व हरिओम को दोषी करार दिया। कोर्ट ने अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया।