औरैया। बिजली चोरी का मुकदमा खत्म कराने के नाम पर फर्जी दरोगा बनकर 15 हजार रुपये मांगने वाले साइबर ठगों के गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ककोर बंबा के पास से मध्य प्रदेश निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल तीन मोबाइल बरामद हुए हैं।
एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि विद्युत निगम के प्रवर्तन दल के अवर अभियंता होरीलाल की संयुक्त टीम ने 20 अगस्त को कोतवाली औरैया क्षेत्र के गांव निगड़ा में चेकिंग की थी। इस दौरान उपभोक्ता ओमकांत चतुर्वेदी बिजली चोरी करते मिले। 21 अगस्त को थाना विद्युत चोरी निरोधक में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। अगले दिन 22 अगस्त को ओमकांत के मोबाइल पर अज्ञात नंबर से फोन आया। ट्रूकॉलर पर कॉलर का नाम दरोगा कृष्णकांत प्रजापति दिख रहा था। कॉलर ने खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए केस खत्म कराने के बदले 15 हजार रुपये मांगे और व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड भेजा। ओमकांत ने इसकी जानकारी अवर अभियंता को दी, जिसके बाद साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई।
तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर साइबर थाना प्रभारी राजीव कुमार व उपनिरीक्षक हेमंत चौधरी की टीम ने रविवार को निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर क्षेत्र के गांव ज्योरामोरा निवासी कृष्णकांत यादव और गांव गोवा पश्चिम निवासी मोहित यादव को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका एक साथी यूपी कॉप जैसे ऑनलाइन माध्यमों से मुकदमों के आरोपियों के नाम, पते व मोबाइल नंबर जुटाकर देता था। इसके बाद वे फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर फोन करते और मुकदमा रफा-दफा कराने के नाम पर रुपये मांगते थे। रकम फर्जी व लालच देकर खुलवाए गए बैंक खातों में क्यूआर कोड के जरिए मंगाई जाती थी।