ककोर। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए मेडिकल कॉलेज मील का पत्थर बनने जा रहा है। ओपीडी के विधिवत संचालन के साथ ही यहां 23 विभागों में मरीजों के उपचार संबंधी उपकरण जुटाए जा रहे हैं। लखनऊ से धीरे-धीरे सामग्री आना जारी है। वहीं कुछ हद तक खरीद भी चल रही है। आंख, कान व गला संबंधी उपचार के लिए चिकित्सकों को पड़ने वाली मशीनों की जरूरत लगभग पूरी हो चुकी है।
चिचौली में संचालित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में दिनों-दिन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के कदम बढ़ रहे हैं। चिकित्सकों की जरूरत पूरी होने के साथ ही यहां पर उपकरणों को जुटाने का क्रम जारी है। 10 विभागों के चिकित्सकों को उपचार व जांच संबंधी उपकरण मिल चुके हैं। आंख, कान गला व दांत सर्जन से लेकर अन्य तरह के कुल 10 विभागों के उपकरण लगभग पूरे हो गए हैं। वहीं शेष बचे 13 विभागों की सामग्री अभी तक शेष है।
जिसे लेकर एक सप्ताह के अंदर पूर्ति हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाह ने बताया कि लगातार उपकरण आ रहे हैं। ओपीडी का संचालन बेहतर ढंग से हो इसे लेकर सभी तरह की सामग्री इसी माह जुटा ली जाएगी। एक सप्ताह में लगभग सभी विभागों की बुनियादी सामग्री मिल जाएगी। जल्द ही क्रिटिकल ऑपरेशन होने भी शुरू हो जाएंगे।