फोटो-16- तिरंगे तैयार करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत:कर्मी
औरैया। इस स्वतंत्रता दिवस पर महिला सशक्तीकरण की एक नई मिसाल देखने को मिलेगी। जिला प्रशासन ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तिरंगे बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें प्रति तिरंगा 20 रुपये का भुगतान भी किया जाएगा।
जिले में हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर भव्य कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ''हर घर तिरंगा'' अभियान के तहत प्रत्येक घर पर तिरंगा लहराएगा। इतनी बड़ी संख्या में तिरंगे बनाने का जिम्मा महिलाओं को मिला है। एनआरएलएम की ओर से 41 समूहों की 203 महिलाएं यह काम कर रही हैं। उन्हें कुल 2.90 लाख तिरंगे तैयार करने हैं।
प्रत्य प्रत्येक समूह ने कपड़े जुटाकर सिलाई का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया है। यह काम गांव-गांव में 24 घंटे तीन शिफ्टों में चल रहा है। अधिकारी भी काम की प्रगति का जायजा लेने गांवों में पहुंच रहे हैं। इस काम से महिलाओं को कुछ दिनों के लिए आय का अवसर मिला है। समाजसेवी और निजी संस्थानों ने भी इन समूहों से संपर्क किया है।
वर्जन-
41 स्वयं सहायता समूह की 203 महिलाएं तिरंगे बना रही हैं। 2.90 लाख तिरंगे बनने हैं। समय से ये सामग्री उपलब्ध हो जाएगी। प्रति पीस 20 रुपये का भाव रखा गया है।
-अर्पित सिंह, जिला मिशन प्रबंधक एनआरएलएम
स्वतंत्रता दिवस का जश्न भव्य तरीके से हो इसके लिए समूह की महिलाओं से पर्याप्त तिरंगों को तैयार कराया जा रहा है। उन्हें आय जुटाने का मौका मिलेगा। वहीं स्वतंत्रता दिवस की रौनक भी बढ़ जाएगी।
-मनीष कुमार मौर्या, प्रभारी डीसी एनआरएलएम
फोटो-16- तिरंगे तैयार करतीं समूह की महिलाएं। स्रोत:कर्मी