संवाद न्यूज एजेंसी
बिधूना। नगर पंचायत की अनदेखी के चलते पिछले डेढ़ साल से नगर के तीन नलकूप बंद पड़े है। इससे नगर में सुबह शाम क्षमता के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही है। पानी का संकट बढ़ने पर लोगों ने नलकूप ठीक कराए जाने की मांग की हैं जबकि नगर पंचायत में 15 वार्डों में महज दो नलकूपों के जरिए जलापूर्ति देने में खानापूरी की जा रही है।
बिधूना में 15 वार्ड की करीब एक लाख की आबादी को पेयजल आपूर्ति के लिए पांच नलकूप लगाए गए थे। इनमें फीडर रोड स्थित पशु अस्पताल परिसर में बना नलकूप, आंबेडकर नगर स्कूल परिसर में गांधी स्कूल के पीछे लगा नलकूप डेढ़ साल से बंद पड़ा है। अब नगर की जलापूर्ति दो नलकूपों के सहारे हो रही है। ऐसे में क्षमता से अधिक पानी न मिल पाने के कारण घरों तक कम प्रेशर से पानी पहुंच रहा है।
कई घरों में ऊंचाई होने के चलते जलापूर्ति महज कुछ मिनटों के लिए हो पा रही है। प्रेशर के लिए लोगों को घरों में मोटर लगानी पड़ रही है। बिजली नगर में सुबह शाम न होने पर पानी की सप्लाई को लेकर त्राहि-त्राहि मचती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार नलकूप की मोटरों को ठीक कराए जाने की मांग की जा रही है। मगर किसी ने समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया।
ऑपरेटर भी मनमानी करने लगे। गर्मी के दिनों संचालित महज दो नलकूपों की मोटरें फुंकने की संभावना रहेगी। ऐसे में बंद पड़े तीन नलकूप शुरू हो जाते हैं तो लोगों को काफी हद तक जलापूर्ति में राहत मिलेगी। कस्बा निवासी विपिन कुमार, यतेन्द्र सिंह, गौरव पाठक ने बताया कि समस्या को लेकर नगर पंचायत में शिकायत भी की जा चुकी है जबकि नगर पंचायत बिधूना के 15 वार्डों में कनेक्शन धारकों को उचित पानी नहीं मिल पा रहा है।
बाशिंदों का कहना कि मजबूर लोग घरों पर सबमर्सिबल लगवाकर पानी की जरूरत पूरी कर रहे हैं। बंद पड़े तीनों नलकूपों को शुरू कराने के लिए कस्बा वासी लगातार मांग कर रहे हैं। गर्मी आ रही है। ऐसे में पानी की किल्लत से निपटने के लिए बंद पड़े नलकूपों के चालू हो जाने से काफी राहत मिलेगी।
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वर्जन
जल संस्थान के तहत जो प्रस्ताव बजट के लिए भिजवाया गया था। इससे तीनों नलकूपों की मोटर समेत अन्य समस्याएं दूर होनी हैं। जल्द स्वीकृति मिलते ही बंद पड़े तीनों नलकूपों को शुरू कराया जाएगा। इससे जलापूर्ति को लेकर किसी तरह की समस्या न खड़ी हो।
-आदर्श कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष बिधूना