औरैया। विकास कार्यों के नाम पर धांधली की शिकायत पर जांच कमेटी ने अपनी जांच में पंचायत सचिव को क्लीनचिट दे दी। दूसरी शिकायत में नई जांच टीम ने मामले की जांच की तो धांधली पकड़ी गई। जांच रिपोर्ट आने के बाद सचिव को निलंबित कर तीन लाख की रिकवरी जारी की गई। अब मामले में पहली जांच में सचिव को क्लीनचिट देने वाले अधिकारी लपेटे में आए हैं। डीएम ने पहली जांच में शामिल रहे तत्कालीन डीपीआरओ व एएमआई एई को नोटिस जारी किया है।
साल 2021 में शहर से सटी खानपुर ग्राम पंचायत में बड़े पैमाने पर विकास कार्यों को लेकर धन खपाया गया। विकास कार्यों को लेकर धांधली की शिकायत हुई तो सीडीओ स्तर से तत्कालीन डीपीआरओ व एएमआई एई को जांच टीम नामित करते हुए जांच सौंपी। इस मामले में जांच टीम ने पंचायत सचिव अर्पित यादव को क्लीनचिट दे दी। लेकिन धांधली की यह शिकायत दोबारा से हुई।
तब ग्राम विकास परियोजना निदेशक मनीष मौर्य व तहसीलदार रणवीर सिंह को जांच दी गई। विकास कार्यों का स्थलीय मुआयना हुआ। धरातल पर कुछ काम ही नहीं मिले। लेकिन भुगतान करा लिया गया था। जबकि कुछ कामों में मानकों को ताक पर रखना पाया गया। जांच टीम ने रिपोर्ट सौंपी तो तत्कालीन पंचायत सचिव अर्पित यादव को डीपीआरओ ने पिछले दिनों निलंबित कर दिया।
इसके साथ ही डीएम की ओर से जांच रिपोर्ट आधार पर तीन लाख से ज्यादा की रिकवरी जारी की गई। इस कवायद के बीच पहली जांच में सचिव को क्लीनचिट देने वाले अधिकारियों को डीएम ने आड़े हाथों लिया है। तत्कालीन डीपीआरओ कामिनी गौतम व एएमआई अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया है। आशंका यह जताई जा रही है, कि तत्कालीन अधिकारियों से सांठगांठ बैठाकर मामले को पहली बार में दबा दिया गया था। यदि दोबारा जांच न होती तो धांधली का यह मामला दब जाता।
सचिव की तैनाती वाली पंचायतों में विस्तृत चल रही है जांच
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत खानपुर में 2021 में विकास कार्यों के नाम पर हुई धांधली में पंचायत सचिव अर्पित यादव को सस्पेंड किया गया है। अर्पित यादव की अन्य पंचायतों में रही तैनाती को लेकर लेकर भी जांच टीम स्थलीय निरीक्षण कर रही है। इस पूरे मामले में विस्तृत जांच बैठाई गई है। जिसके बाद आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। आशंका यह जताई जा रही है, कि बड़े पैमाने पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है।
वर्जन
सदर ब्लॉक में तैनात पंचायत सचिव अर्पित यादव का मामला गंभीर है। धांधली की पहली बार हुई जांच में तत्कालीन डीपीआरओ व एएमआई अधिशासी अभियंता ने क्लीनचिट दे दी थी। जबकि दूसरी बार में हुई जांच में नई टीम ने धांधली पकड़ी है। डीएम ने इस मामले में पहली बार जांच करने वाली तत्कालीन डीपीआरओ व एएमआई अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी किया है।-संत कुमार, मुख्य विकास अधिकारी