फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: सूखे पड़े रजबहा धान की नर्सरी तैयार करने में हो सकती है देरी

विज्ञापन
विज्ञापन
बिधूना। जिले में 15 जून से धान की नर्सरी तैयार करने में किसान जुटे हैं। वहीं कुछ किसान इससे पहले भी धान की नर्सरी तैयार करने लगते हैंए लेकिन यह सब पानी की उपलब्धता पर निर्भर करता है। बिधूना क्षेत्र के रजबहा में इन दिनों पानी नहीं छोड़ा जा सका है। ऐसे में धान की नर्सरी तैयार होने में देरी हो सकती है।
विज्ञापन

बिधूना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वासुक रजबहा व रतनपुर रजबहा जो चिरूकुआ से निकला है। यहां बिकूपुर माइनर में पानी न होने से शामपुर, बमुराह, चिरूकुआ, पुर्वा लक्षीराम, सराय प्रथम, पुर्वा कमल सिंह, लुधपुरा, बिकूपुर, मडैया, मुर्चा, सरैया, रूपपुर, भदसिया आदि गांव के किसान धान की नर्सरी तैयार करने में किनारा कर रहे हैं। वैवाह से तिलकपुर समेड़ी को जाने वाले रजबहा से रुरुखुर्द बरका पुर्वा, सराय महाजन, मुग्गपुर, बरूआ, सोहनी, देवराव आदि क्षेत्र के माइनर पूरी तरह सूखे पड़े हैं।
यहां धान की नर्सरी की पौध लगने में देरी है जबकि रजबहों के किनारे स्थित कई सैकड़ा गांवों के किसानों की पहले बोई गईं उड़द, मूंग व मक्का की फसलें सिंचाई के अभाव में सूख रही हैं। धान की नर्सरी के लिए खेतों में परेवट नहीं हो पा रही है। 15 जून को महज चार दिन शेष हैं। क्षेत्र के किसानों की चिंता और बेचैनी बढ़ी है।
विज्ञापन

किसान रामवीर, दिनेश सिंह, राजीव सिंह, नीरज सिंह, लालमन सिंह, सालिकराम, मुन्नू सेंगर ने बताया कि लगातार जिला प्रशासन व सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पानी छोड़े जाने की गुहार लगाई जा रही है। लेकिन रजबहों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। चिरूकुआ रतनपुर व वासुक रजबहा में पानी न छोड़े जाने से धान की नर्सरी तैयार करने में देरी हो रही है।

-
वर्जन
कुछ रजबहों में पानी आ गया है। कुछ रजबहों में पानी की समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। सिंचाई विभाग को पत्र भेजकर रजबहों में पानी जल्द छोड़े जाने के लिए कहा जाएगा।
विज्ञापन

हरिश्चंद्र, उपजिलाधिकरी बिधूना
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें