मकान पर चस्पा नोटिस देखकर कोतवाली पहुंचीं
जांच के बाद टीम मकान में ताला लगाकर उसे सील करने के बाद एक नोटिस भी चस्पा कर गई। इसमें लिखा था कि एनआईए टीम ने सर्च की है, चाबी पुलिस स्टेशन से प्राप्त करें। अधिक जानकारी के लिए एनआईए कंट्रोल रूम पटना से संपर्क करें। देर रात जब आशा पांडेय दिल्ली से लौटीं, तो मकान पर लगी सील और चस्पा नोटिस देखकर वह कोतवाली पहुंचीं। यहां से उन्हें चाबी उपलब्ध कराई गई।
सीजर की कोई रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई
घर पहुंचने पर देखा, तो हर तरफ सामान बिखरा पड़ा था। उनका आरोप है कि छह सोने की चूड़ियां, बच्चे के चार जोड़ी कंगन, दो जोड़ी पायलें, तीन मंगलसूत्र, एक सोने की अंगूठी और पांच जोड़ी कुंडल अलमारी से गायब हैं। घर में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसका डीवीआर भी टीम अपने साथ ले गई। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उन्हें बताया कि जब्त की गई कुछ ज्वैलरी सोने की है और कुछ आर्टिफिशियल है, जबकि यह गलत है। अब तक उन्हें सीजर की कोई रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। शुक्रवार को भी घर के बाहर पुलिस तैनात रही।
महिला का दावा कमलकांत का नहीं है मकान
मकान में किराये पर रहने वाली आशा पांडेय ने यह दावा किया कि यह मकान न तो कमलकांत के नाम है और न ही उनके किसी परिवार के व्यक्ति के नाम। उन्होंने बताया कि मकान की मालिक शिखा देवी हैं। यह भी बताया कि उनका सौदा तय हो गया है, अभी कुछ रुपये देने बाकी हैं, इसके बाद मकान उनके नाम हो जाएगा।