फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Auraiya News: सिर से नहीं हटा तारों का साया... एकल स्कूलों ने दर्द बढ़ाया

Sat, 27 Dec 2025 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
विज्ञापन
फोटो-19- डहरियापुर में एक कमरे में संचालित एकल स्कूल। संवाद
विज्ञापन
औरैया। साल 2025 की विदाई हो रही है। जर्जर भवनों और बिजली की लाइनों के नीचे चल रहे परिषदीय स्कूलों से अभी तक डर का साया हट नहीं सका है। इस समस्या के साथ ही अंतरजनपदीय शिक्षक तबादले ने एकल स्कूलों का घाव और गहरा कर दिया है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा में बेहतरी को लेकर इस साल कई कदम उठाए गए, लेकिन इन मुख्य समस्याओं के साथ ही साल की विदाई हो रही है। नये साल में ही इन खामियों के दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिले में 1265 परिषदीय स्कूलों का संचालन किया जा रहा है। अक्तूबर माह में जिले के जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया गया। इसमें 112 की सूची तैयार हुई। इस सूची के आधार पर अब विभाग ने जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण व इन्हें बनाने का खाका तैयार किया है, लेकिन भवनों का ध्वस्तीकरण अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में नए भवनों के निर्माण फिलहाल रुका हुआ है। इन चिह्नित स्कूलों में बच्चे पढ़ रहे हैं। किसी स्कूल के छज्जे टूटे हैं तो किसी स्कूल भवन की छत के सरिया नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन

स्कूलों में जर्जर भवन का खतरा ही नहीं है, यहां 110 स्कूलों के ऊपर से बिजली की लाइनें भी निकली हैं। जहां हर समय बच्चों पर जान का खतरा मड़राता रहता है। जिले में 23 स्कूल तो ऐसे हैं जहां एक ही कक्षा में एक से लेकर पांच तक के बच्चे एक ही कमरे में पढ़ रहे हैं। उन्हें अलग-अलग कक्षा में पढ़ाये जाने की सुविधा नहीं मिल सकी है।
यही नहीं मौजूदा साल में शासन स्तर से शिक्षक छात्र अनुपात को दुरुस्त करने के लिए युग्मन शुरू किया। पहले 200 से ज्यादा स्कूल युग्मित किए गए। बाद में इनकी संख्या घटकर 64 रह गई। छात्र शिक्षक अनुपात को 60:1 से ज्यादा कर दिया गया। वहीं खाली हुए भवनों में बाल वाटिका के जरिए प्री प्राइमरी व्यवस्था की गई है।
इसी बीच शिक्षकों के अंतरजनपदीय तबादले ने एकल स्कूलों की संख्या बढ़ा दी। 117 स्कूलों में महज एक शिक्षक की तैनाती है। यह आंकड़ा पहले 90 पर था, लेकिन तबादले ने संख्या और बढ़ा दी है। अब शिक्षकों की शिफ्टिंग इस समस्या का तोड़ निकालने का प्रयास किया जा रहा है।

बेसिक के स्कूलों से जुड़ा आंकड़ा
कुल स्कूल - 1265
शिक्षकों की संख्या- 5000
बच्चों की संख्या- 93345
कंपोजिट स्कूल- 343
उच्च प्राथमिक विद्यालय- 813
पीएमश्री स्कूल-14
जर्जर भवन वाले स्कूल-112
बिजली लाइनों की जद में आ रहे स्कूल- 110
एकल स्कूल-117

पीएमश्री स्कूल संवर गए
जिले में पीएमश्री 14 परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प कर दिया गया है। ये स्कूल शैक्षिक गुणवत्ता के साथ ही सुविधाओं पर भी खरे हो गए हैं। यहां स्मार्ट क्लास से लेकर खेलकूद व अन्य जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के कई स्कूल इस सुविधा से अभी तक अछूते हैं। हालांकि डीएम की ओर से शुरू किए गए मिशन ज्योतिर्गमय से जिले के 70 स्कूलों को संवारा जा रहा है।

खनन से संवर गए बीहड़ के 20 परिषदीय स्कूल
बीहड़ के बीझलपुर में बालू का खनन होता है। जिले में पहली बार खनन विभाग की ओर से बीहड़ क्षेत्र में खनन से आने वाले राजस्व से स्कूलों की दशा सुधारने का काम किया गया। जिला प्रशासन की दिलचस्पी से इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, प्रसाधन, बाउंड्रीवॉल समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं दी गई।

दो स्कूलों में बिजली लाइनें हटाई गई हैं। अन्य चिह्नित स्कूलों में भी लाइन शिफ्टिंग का काम चल रहा है। जर्जर बिल्डिंगों के ध्वस्तीकरण कराया जाएगा। नये भवन बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराए जा रहे हैं। मिशन ज्योतिर्गमय व कायाकल्प के तहत काम कराए जा रहे हैं। एकल स्कूलों के लिए शिक्षकों की तैनाती में फेरबदल किया जा रहा है। इन सभी खामियों पर काम चल रहा है।
-संजीव कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

फोटो-19- डहरियापुर में एक कमरे में संचालित एकल स्कूल। संवाद

फोटो-19- डहरियापुर में एक कमरे में संचालित एकल स्कूल। संवाद

फोटो-19- डहरियापुर में एक कमरे में संचालित एकल स्कूल। संवाद

फोटो-19- डहरियापुर में एक कमरे में संचालित एकल स्कूल। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें