औरैया। ककराही मौजा में जीवित को कागजों में मृत दर्शाकर दूसरे के नाम बेशकीमती जमीन की वरासत चढ़ा दी गई। राजस्व जानकारों की माने तो सर्किल रेट के अनुसार इस जमीन की कीमत 10 करोड़ के पार है जबकि खुले बाजार में यहां जमीन का भाव और भी ज्यादा है। फिलहाल इस मामले को लेकर खलबली मची हुई है। रडार पर आ रहे लोग बंगले झांक रहे हैं। वहीं, प्लाॅट खरीदने वाले भी पूरे मामले में खुलासे का इंतजार कर रहे है। जाने अनजाने यहां प्लाॅट खरीदने वालों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
शाहब्दा निवासी भारत सिंह की ओर से की गई शिकायत ने राजस्व विभाग में होने वाले बड़े खेलों की नजीर पेश कर दी है। इस बेशकीमती जमीन पर साल 1991 में भारत सिंह को पट्टा दिया गया। सरकारी अभिलेखों के मुताबिक तत्कालीन लेखपाल मोहकम सिंह ने शाहब्दा निवासी भारत सिंह को पट्टा दिया। सालों बाद एकाएक ककराही मौजा में तैनात लेखपाल ने कागजों में भारत सिंह को मृत दर्शाकर तत्कालीन लेखपाल के भाई के नाम वरासत चढ़ा दी। इसके बाद इस जमीन पर जमकर प्लाॅटिंग का कारोबार हुआ।
लोग करोड़ों के वारे न्यारे हो गए। मोटी रकम सीधी कर ली गई। अब यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन भी एक्शन मोड में है। यही वजह है कि मामले में संलिप्त लोग दबाने के प्रयास में जुट गए है। राजस्व के जानकारों का मानना है कि पट्टा आवंटन से लेकर वरासत चढ़ने के इस मामले में कई लोग लपेटे में आ सकते हैं। इसमें बड़े खेल का पर्दाफाश हो सकता है।