प्राथमिक विद्यालयों में सरकारी नौकरी गंवा चुके खफा शिक्षामित्रों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। विरोध प्रदर्शन के क्रम में नाराज शिक्षामित्रों ने सांसद के घर पर डेरा डाला। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर शिक्षामित्रों ने एनसीईटी के मानकों में संशोधन किए जाने की मांग की है।
हाईकोर्ट के निर्णय के बाद जिले के शिक्षामित्र आंदोलनरत हैं। सोमवार को ब्लाक संसाधन केंद्रों और बीएसए कार्यालय सहित परिषदीय विद्यालयों में तालाबंदी करने के बाद मंगलवार को खफा शिक्षामित्र सत्तारूढ़ दल के क्षेत्रीय सांसद अशोक दोहरे के गांव रमपुरा पहुंचे, यहां शिक्षामित्रों ने अपने साथ हुई नाइंसाफी को लेकर नारेबाजी की।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे जिलाध्यक्ष धरमवीर सिंह यादव, महामंत्री संत कुमार व जिला मीडिया प्रभारी आशू दुबे की अगुवाई में मिले एक प्रतिनिधि मंडल ने सांसद दोहरे को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
शिक्षामित्रों ने पीएम से अपने को छले जाने की बात कहते हुए सहायक अध्यापक बने रहने के मानकों में संशोधन किए जाने की गुहार लगाई। ज्ञापन सौंपने वालों में विमल दुुबे, राघवेंद्र सिंह, मिथलेश कुमार, मालती देवी, शीला दुबे, मनोज शुक्ला, भुवनेश कुमार, रमाकांत, मनोज पाठक, सुभाष सिंह सहित सैकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।
न्याय न मिलने तक करेंगे संघर्ष - औरैया। सहायक अध्यापक का पद छिन जाने के बाद आंदोलनरत शिक्षामित्रों ने न्याय न मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी न हुई तो जिले के सैकड़ों शिक्षामित्र जंतर मंतर, नई दिल्ली पर आमरण अनशन करेंगे। संगठन जिलाध्यक्ष धरमवीर सिंह यादव व मीडिया प्रभारी आशू दुबे ने बताया कि बुधवार को संगठन के पदाधिकारी लखनऊ रवाना हो रहे हैं, यहां प्रदेश स्तरीय आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।