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Auraiya News: छिन गया निवाला, जल गए बिटिया की विदाई के अरमान

Sat, 04 Apr 2026 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-43-जली हुई बालियां दिखाते किसान लाखन सिंह। संवाद
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औरैया। कुरकोट क्षेत्र स्थित गांव काठघोर के खेतों में लगी आग ने गेहूं की फसल के साथ कई परिवारों के अरमान भी जलाकर राख कर दिए।
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किसी के बच्चों के मुंह से निवाला छिन गया तो किसी की बिटिया की विदाई का सपना भी आग में जल गया। इनका दर्द आंखों से आंसू बनकर बह रहा है, बस अब सरकारी मदद की ही उम्मीद बची है।

शुक्रवार को दोपहर बाद काठघोर के खेतों में लगी आग से करीब 25 किसानों की 200 बीघा से अधिक गेहूं की फसल जल गई थी। गांव निवासी किसान दशरथ सिंह की 20 बीघा गेहूं की फसल पल भर जल गई है। दो से तीन दिन में फसल की कटाई करने वाले थे। सब कुछ ठीक रहता तो करीब दो लाख रुपये से अधिक की फसल होती।
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इस फसल से ही उन्होंने अपनी नातिन के हाथ पीले करने की तैयारी की थी। मई में अब शादी है लेकिन फसल अब नहीं बची है। उल्टा लागत के 50 हजार रुपये भी जेब से चले गए। बोले कि अब कुछ समझ नहीं आ रहा कि आखिर कैसे सब होगा।
इसी तरह किसान किसान बलराम यादव भी परेशान हैं। उनकी करीब 30 बीघा फसल जल गई। वह बताते हैं कि करीब 70 हजार रुपये की लागत से फसल तैयार हुई थी। इसके लिए भरथना के एक आढ़तिया से 50 हजार रुपये तीन प्रतिशत ब्याज पर लाए थे। अब समझ नहीं आ रहा है कि रकम और ब्याज कैसे चुकाएंगे। साथ ही पूरे परिवार से साल भर का निवाला भी छिन गया।
लेखपाल शिवानी यादव ने बताया कि जांच के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। पीड़ित किसानों को जल्द ही सरकार की ओर से मुआवजा मिलने की उम्मीद है।
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बैंक का कर्ज बचा, नहीं बची फसल
गांव निवासी दिव्यांग किसान लाखन सिंह की करीब साढ़े चार बीघा की फसल जल गई। उन्होंने अपनी पत्नी विमल देवी के नाम बैंक ऑफ बड़ौदा से कर्ज लिया था। इसी कर्ज से खेती में लागत भी लगाई थी। लागत के सात हजार रुपये अभी बकाया भी हैं लेकिन अब केवल कर्ज बचा है, फसल तो बर्बाद हो गई। इसी तरह शीला देवी ने पंजाब नेशनल बैंक से एक लाख रुपये की केसीसी लेकर अपनी फसल तैयार की थी। उन्होंने दो बीघा खेत अपने जेठ रविंद्र कुमार से बटाई पर लिया था।
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जली हुई बालियां बीन लाए किसान
खेत में जली पड़ी गेहूं की फसल देखकर किसानों की आंखाें से आंसू बहने लगते हैं। शनिवार को कई किसान खेतों में गए और पूरे दिन वहीं बैठे रहे। इस दौरान खेतों में पड़ी अधजली बालियां भी कई किसान बीनते नजर आए। उनका कहना था कि जली ही बालियां कम से कम मवेशियों के पेट में ही चली जाएंगी।

फोटो-43-जली हुई बालियां दिखाते किसान लाखन सिंह। संवाद

फोटो-43-जली हुई बालियां दिखाते किसान लाखन सिंह। संवाद

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