औरैया। कानपुर देहात के असबी स्थित अवधेश सिंह इंटर कॉलेज में परीक्षा देने के बाद छात्र बाहर निकले।
चिलचिलाती गर्मी के बीच नदी नहाने की चाह तीनों छात्रों को मौत के पास खींच ले गई। स्कूल से घर न जाकर छात्र तीन किमी. दूर औरैया सीमा के अंदर जौंरा गांव के पास जा पहुंचे। वहां पुल से नीचे उतरने के बाद तीन घंटे तक बच्चों ने नदी में नहाया। गर्मी से तो उन्हें राहत मिली, लेकिन जिंदगी से हार गए। सेंगर नदी की गहराई से अनभिज्ञ छात्र नदी में डूब गए।
साथ गए तीन अन्य छात्रों ने जब अपने साथियों को डूबता देखा तो घबराकर शोर मचाने लगे। घबराहट के बीच मौके से भाग निकले। नदी में कुछ दूरी पर नहा रहीं जौंरा गांव निवासी सुखदेवी प्रत्यक्षदर्शी रहीं। नजारा देख वह घर पहुंचीं। वहां पति कुंज बिहारी निषाद को पूरा मामला बताया। इसके बाद ग्रामीण दौड़े। उधर, पुलिस को भी सूचना दी गई। छात्रों को नदी से बाहर निकालने की जद्दोजहद शुरू हुई। कुछ ही देर में तीनों को बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी पर छात्रों के परिजन व स्कूल का स्टाफ भी पहुंच गया। तीनों शव नदी किनारे से पुल पर लाए गए। वहां परिजन उनकी मौत पर चीखते चिल्लाते रहे। छात्रों की जान जाने से हर कोई गमगीन दिखा। असबी से आए परिजन व ग्रामीण इस बीच मुआवजे को लेकर पुलिस प्रशासन से मांग करने लगे। एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह व सीओ सदर अशोक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। उधर, अजीतमल, मंगलपुर व दिबियापुर थाने का फोर्स भी पहुंचा। काफी देर तक समझाने का दौर चला। दो घंटे से ज्यादा का समय बीत जाने के बाद शव पीले होने लगे। किसी तरह परिजनों को समझाया गया। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
छात्रों की दादी बोली, बड़े लाड प्यार से बिन मां के बच्चों को पाला, वो भी चले गए
औरैया। असबी निवासी दिनेश बाबू के पुत्र हरसू (13) कक्षा-8 व आर्यन (16) कक्षा नौ के छात्र थे। ग्रामीणों ने बताया कि दिनेश बाबू की पत्नी कुंती हरसू के जन्म के बाद छोड़कर चली गई थी। इसके बाद दोनों का लालन-पालन दादी रामा देवी व दिनेश बाबू ही कर रहे थे। दादी के लाड प्यार के बीच बच्चों की परवरिश में मां की कमी नहीं खली। घटना की सूचना मिलते ही रामा देवी जौंरा पुल पर दौड़ती हुई पहुंचीं। दोनों बच्चों के शव देख वह बिलख पड़ीं। हरसू व आर्यन के शवों को सीने से लगाकर काफी देर तक बिलखती रहीं।
रामा देवी कह रही थीं कि बड़े लाड प्यार से बिन मां के बच्चों को पाला था, वो भी चले गए। घर के दोनों चिराग बुझ गए। दोनों लाल स्कूल से सीधे घर आते तो आज यह दिन न देखना पड़ता। एक साथ दोनों की जान चली गई। दोनों साथ-साथ स्कूल जाते थे। साथ-साथ ही भगवान के पास चले गए। अब जीना कठिन होगा। वहीं, तीसरे छात्र कृष्णा (14) के चाचा अतेंद्र ने बताया कि कृष्णा दो भाइयों में छोटा था। उसका बड़ा भाई विकास है। जानकारी पर अवधेश सिंह इंटर कॉलेज के स्टाफ से प्रशांत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हरसू, आर्यन व कृष्णा तीनों होनहार थे।
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दो साल पहले भी यहां डूबने से हो चुकी है मौत
औरैया। जौंरा के पास सेंगर नदी पुल पर ग्रामीणों की जुटी भीड़ के बीच पुलिस व प्रशासन से काफी देर तक वार्ता होती रही। इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि दो साल पहले भी यहां डूबने से एक किशोर की मौत हो गई थी। पुल से कुछ दूरी पर नदी के कुछ हिस्से में ज्यादा गहराई है। यह गहराई ही लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। जो तैर नहीं पाता है, वह इस गहराई की चपेट में आकर जान गवां देता है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी इस मामले को लेकर काफी देर तक वार्ता करते रहे।
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