औरैया। मौसम का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। धूप निकालने के बाद रात को फिर से गलन व ठंड बढ़ गई। गुरुवार को सूर्य देवता की लुकाछिपी से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन सर्द हवाएं नश्तर की तरह चुभती रहीं। अधिकतम 20 व न्यूनतम तापमान आठ डिग्री के बीच होने व पश्चिमी विक्षोभ के चलते शीतलहर से जनजीवन प्रभावित रहा।
एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित है। धूप निकालने से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन रात होते ही गलन बढ़ने से लोग परेशान रहे। उधर, शीतलहर और गलन भरी ठंड से सरसों की फसल में जहां जड़े कमजोर होने लगी है, वहीं आलू और सब्जियों में पाला का डर सता रहा है।
बिधूना क्षेत्र में सब्जी की खेती करने वाले किसान पाला पड़ने को लेकर काफी परेशान हैं। किसान पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, आलू समेत अन्य फसलों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। खेतों में खड़ी पत्ती गोभी की फसल को किसान समय से पहले छोटे फल होने पर ही तोड़ कर बेच रहे हैं। उन्हें चिंता है कि पाला पड़ा तो फल खराब हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र परवाह के कृषि वैज्ञानिक/मौसम वैज्ञानिक डॉ. अनंत कुमार ने बताया कि पाला गिरने से सबसे ज्याद नुकसान आलू की फसल को होगा। 22 जनवरी को बारिश होने की संभावना है। गेहूं और सरसों पर ओलावृष्टि होने से नुकास हो सकता है, लेकिन ओला वृष्टि की संभावना नहीं है। मौसम अभी ठंडा ही रहेगा।