बेला (औरैया)। रामगंगा नहर की लहरों ने न सिर्फ एक युवक की जान ले ली, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां भी छीन लीं।
मंगलवार को जब विदान बंगाली का शव पोस्टमार्टम के बाद उसके पैतृक निवास महेंद्र नगर बंगाली कॉलोनी पहुंचा तो पत्नी और बेटियां बिलख पड़ीं। युवक 15 मार्च को दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया था और वहीं डूब गया। उसका शव 24 घंटे बाद मिला था।
विदान अपने वृद्ध माता-पिता का इकलौता सहारा था। शनिवार को ही वह राजस्थान के जोधपुर से मजदूरी कर घर लौटा था। परिवार को उम्मीद थी कि अब कुछ दिन घर में रौनक रहेगी, लेकिन किसे पता था कि घर वापसी के अगले ही दिन शराब पीकर नहर जाने की लापरवाही उसकी जान ले लेगी।
वह तीन दोस्तों के साथ नहर में नहाने गया और डूब गया। उसे ढूंढने के लिए रविवार दोपहर से शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन सोमवार रात तब खत्म हुआ जब उसका शव रसूलाबाद के ढकपुरवा में बरामद हुआ।
24 घंटे बाद युवक का शव मिलने के बाद पत्नी सुशीला बार-बार बेहोश हो रही। बड़ी बेटी अर्पिता (14), मन्नू (10) और महज 2 साल की सिया के सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि विदान बहुत ही मेहनती और सीधा युवक था।
एसडीआरएफ टीम के उपनिरीक्षक कुमार सौरभ सिंह ने बताया कि नहर में पानी का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण तलाश में काफी चुनौतियां आईं। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने बताया कि मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।