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Auraiya News: नदी में डूबे मासूम का मिला शव, परिवार में कोहराम

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अटसू। बकरी चराने के लिए गईं बहनों के साथ खेल रहा डेढ़ वर्ष का मासूम नदी में डूब गया था। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में जाल डलवाया था। गुरुवार सुबह उसका शव नदी के किनारे खड़े पेड़ों में फंसा मिला। परिजन फौरन उसे सीएचसी ले गए, वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर से परिवार में चीख पुकार मच गई।
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गांव रुरुआ निवासी वीर सिंह की तीन पुत्रियां दीक्षा, सुरभि, दीप्ती बुधवार शाम को बकरियां चराने के लिए नदी किनारे गई थीं। उनके संग डेढ़ वर्ष का भाई माधव भी गया था। गांव के पास स्थित सेंगुर नदी किनारे बकरियां घास चरने लगीं और बच्चे खेल में मस्त हो गए थे। तीनों बहनें नदी से पानी लाकर मिट्टी के चबूतरे बना रही थीं। इसी बीच छोटा भाई माधव भी नदी किनारे बार-बार पहुंच रहा था। बहनें उसे पकड़ कर दूर ले जा रही थीं। खेल के दौरान ही वह नदी किनारे पहुंच गया। जब तक बहनों की नजर पड़ती वह पानी में चला गया। बेबस बहनाें ने अपने भाई को नदी के पानी में जाता देख बचाने का प्रयास किया, लेकिन बचा नहीं सकीं। घर पहुंचकर मां मालती को पूरी बात बताई। इससे घर में कोहराम मच गया।
जानकारी पर परिजन भी मौके पर पहुंचे और माधव की नदी में तलाशी कराई मगर उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में जाल डलवाया और उसकी खोजबीन की मगर सफलता नहीं मिली। गुरुवार सुबह एक बार फिर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। नदी में एक मोड़ के पास बबूल की डालों के बीच माधव उलझा दिखा। बाहर निकालने के बाद परिजन उसे सीएचसी अजीतमल ले गए। वहां डाॅक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। फिर भी जिंदगी की आस में परिजन उसे चिचौली अस्पताल ले गए। वहां भी उसे मृत घोषित कर दिया गया। एसडीएम हरिश्चंद्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद दैवी आपदा के तहत मिलने वाली आर्थिक मदद दिलाए जाने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी।
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तीन बहनों के बाद हुआ था माधव, चिराग बुझने से परिवार में मातम

अजीतमल के रुरुआ गांव निवासी वीर सिंह व मालती की लगातार तीन बेटियां हुईं। दंपती ने पुत्र की चाहत में देवी-देवताओं से मन्नत मांगी थी। इसके बाद बच्चे का जन्म हुआ तो माधव नाम रखा। उसके जन्म से परिवार काफी खुश था। तीनों बहनें भी अपने छोटे भाई को बहुत प्यार करती थीं, लेकिन बुधवार को हुए हादसे में माधव की नदी में डूबकर मौत होने पर तीनों बहनों सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल रहा। तीनों बहनें रो-रोकर कह रही थीं कि अब वह किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। माधव के बाबा जानकी प्रसाद ने बताया कि तमाम मंदिरों पर जा जाकर के मन्नते मांगी थी, तब नाती का जन्म हुआ था, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
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