बिधूना। लकड़ी बीनने गई किशोरी से दरिंदगी के मामले में आरोपी की नियत में पहले से ही खोट थी। वह कई दिनों से किशोरी को शिकार बनाने की फिराक में था। ग्रामीणों ने बताया कि वह अक्सर मुर्गी फार्म के लिए पानी भरने किशोरी के घर के पास लगे हैंडपंप पर आता। उसके घर के बाहर से दिन में कई चक्कर लगाता था। मानो उसे हर वक्त मौके की तलाश थी। किशोरी को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले के खिलाफ अब ग्रामीणों में कड़ी नाराजगी है।
पीड़िता की मामी ने बताया कि सात साल पहले बीमारी के चलते किशोरी के पिता का देहांत हो गया था। तब से किशोरी गांव में उनके साथ रह रही थी। घरेलू काम में वह हाथ बटाती और सभी की लाडली है। रोजाना जंगल में वह लकड़ी बीनने साथ जाती थी। चार बहनों में पीड़िता दूसरे नंबर की है। बाकी बच्चे मां के साथ बिधूना कस्बा के एक मोहल्ले में रहते हैं। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी कई दिनों से मौके की तलाश में था। शनिवार दोपहर उसे उस वक्त मौका मिल गया, जब किशोरी लकड़ी बीनते हुए जंगल में थोड़ा दूर तक निकल गई।
स्कूल चलो अभियान की खुली पोल
औरैया। बाबा, पिता और चाचा के हवस का शिकार हुई नाबालिग का मामला तीन दिन पहले सामने आया, जिसमें किशोरी स्कूल ही नहीं जा रही थी। वहीं, अब रविवार को सामने आए दुष्कर्म के इस मामले में भी नाबालिग स्कूल नहीं जाती थी। महज कक्षा पांच तक ही पढ़ाई की, जिसके बाद वह स्कूल नहीं गई। दोनों ही मामलों में स्कूल चलो अभियान की पोल खुलती नजर आई। ऐसे में लोगों का कहना है कि अगर बच्चियां स्कूल जातीं तो शायद उनके साथ दुष्कर्म जैसी घटनाएं न होतीं।