बिधूना। एरवाकटरा थाना क्षेत्र के गांव कुकरकाट में एक ग्रामीण को पीएम आवास मिलने पर ग्राम समाज की जगह में बनाए जाने पर लेखपाल ने रोक लगा दी थी। इसे लेकर ग्रामीणों का सोमवार को लेखपाल से विवाद हो गया था।
लेखपाल ने मारपीट करने व अभिलेख फाड़ने का आरोप लगाया था। नाराज ग्रामीण मंगलवार को बिधूना तहसील पहुंच गए। जहां पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से नाराजगी जताई। हालांकि पकड़े गए युवक का शांतिभंग में चालान करते हुए एसडीएम हरिश्चंद्र ने जेल भेज दिया।
कुकरकाट निवासी कुंअरपाल को पिछले वर्ष प्रधानमंत्री आवास मिला था। इससे गांव में बनाया जा रहा था। आवास वाली जगह ग्राम समाज की होने पर प्रधान द्वारा निर्माण करने मना किया गया, लेकिन कुंअर पाल सोमवार को द्वारा निर्माण कार्य करने लगे। जानकारी मिलने पर लेखपाल सुनील कुमार निर्माण कार्य रुकवाने पहुंचे। निर्माण कार्य रुकवाने के दौरान लेखपाल का विवाद होने लगा। लेखपाल ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट कर अभिलेख फाड़ दिए। पुलिस को सूचना दी।
सीओ अशोक कुमार व थानाध्यक्ष संत कुमार ने मौके पर जानकारी ली। मंगलवार को पुलिस ने प्रधान रानीदेवी के देवर अवधेश कुमार यादव का शांतिभंग में चालान कर उपजिलाधिकारी न्यायालय पेश किया। जहां मजिस्ट्रेट ने अवधेश कुमार को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। ग्रामीणों को जानकारी होने पर प्रधान पति राजेश कुमार समेत लगभग 100 से अधिक लोग तहसील बिधूना पहुंचकर लेखपाल के हटवाए जाने को लेकर नारेबाजी करने लगे।
मामला बढ़ता देख बिधूना कोतवाली प्रभारी ब्रजेंद्र सिंह एरवाकटरा थानाध्यक्ष संत प्रकाश पुलिस बल के साथ तहसील पहुंच गए। मामले को शांत किया। लेखपाल व ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी हरिश्चंद्र व तहसीलदार रणवीर सिंह ने बात की। ग्रामीणों ने लेखपाल सुनील कुमार पर आवास बनाने की जगह के लिए रुपया की मांग करने का भी आरोप लगाया। हालांकि लेखपाल की ओर से इसे लेकर इन्कार किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि लेखपाल के साथ मारपीट नहीं हुई है। जबकि लेखपाल ने कहा कि उसके साथ मारपीट की गई। अभिलेख भी फाड़े गए है। इस संबंध में बिधूना उपजिलाधिकारी हरिश्चंद्र ने बताया कि सोमवार को लेखपाल के साथ विवाद हुआ है। मामले को लेकर ग्रामीण तहसील आए थे। लेखपाल पर आरोप लगा रहे हैं। लेखपाल से विवाद में एक युवक को जेल भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। लेखपाल धरने पर हैं।