औरैया। कोरोना संक्रमण कम होने पर काफी समय बाद बुधवार से प्राइमरी स्कूल खुले लेकिन पहले दिन अव्यवस्था रही। कई स्कूल देर से खुले तो कई में ताले लटकते नजर आए। कक्षा एक से पांच तक के बच्चे तो समय से स्कूल पहुंच गए। उन्हें गुरु जी के आने का घंटों इंतजार करना पड़ा। कुछ स्कूलों में कोविड मानकों के पालन के साथ बच्चे पढ़ाई करते भी मिले। जिम्मेदार अब देर से पहुंचने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
ये थे निर्देश
अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार के आदेश के मुताबिक शिक्षकों को शैक्षणिक अवधि से 15 मिनट पूर्व यानी 7: 45 बजे तक स्कूल पहुंचना था। इसके बाद आठ से सवा आठ तक प्रार्थना, योगाभ्यास कराने और दो बजे स्कूल बंद करने के आधे घंटे बाद घर जाने के निर्देश थे। लेकिन पहले ही दिन ये आदेश हवा-हवाई साबित हुए।
सीन एक : 8: 25 बजे
विकास खंड बिधूना का भूठा स्कूल। 12 बच्चे स्कूल गेट के पास खड़े थे लेकिन स्कूल पर ताला लटका था। काफी समय बाद स्कूल पहुंचे बच्चे परेशान दिखे। करीब नौ बजकर पांच मिनट पर प्रधानाध्यापक स्कूल पहुंचे। इसके बाद बच्चे अंदर जा पाए। (संवाद)
सीन दो : 8:50 बजे
प्राथमिक स्कूल अयाना में छात्र सुबह आठ बजे ही स्कूल पहुंच गए थे। स्कूल में ताला बंद होने की वजह से उन्हें इंतजार करना पड़ा। यहां पर भी कोई शिक्षक समय से नहीं पहुंचा। पड़ोस के लोगों ने बताया कि जिन मैडम के पास चाबी है, वह नहीं आईं हैं। उनके आने के बाद ही स्कूल खुलेगा। नौ बजे के बाद एक शिक्षिका स्कूटी से पहुंचीं, इसके बाद स्कूल खुला। (संवाद)
बेला के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नौ बजे तक कोई शिक्षक स्कूल नहीं पहुुंचा। सुबह आठ बजे से पहुंचे बच्चे परेशान दिख रहे थे। कुछ तो मौका पाकर घर चले गए। बच्चों को वापस जाता देखकर वहां तैनात रसोइयों ने उन्हें सामाजिक दूरी के साथ खड़ा कराया। इसके बाद प्रार्थना कराई गई। करीब नौ बजे शिक्षक पहुंचे। मामला बीएसए तक पहुंचा तो जांच कर कार्रवाई की बात कही गई। (संवाद)
सीन चार : 7:50 बजे
प्राथमिक विद्यालय तैयबपुर में शिक्षक उपस्थित मिले। स्कूल आने वाले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। उन्हें सामाजिक दूरी के साथ खड़ा किया गया। वहीं जैतपुर स्कूल में सामाजिक दूरी के साथ प्रार्थना सभा और योगाभ्यास कराया गया। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजा गया। (संवाद)
वर्जन
स्कूल में शिक्षकों को समय से पहुंचने और कोविड नियमों का पालन कराने के निर्देश दिए गए थे। जिन स्कूलों में शिक्षक समय से नहीं पहुंचे हैं, उनकी खंड शिक्षा अधिकारियों से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - चंदना राम इकबाल, बीएसए
मस्ती संग दिखा पढ़ाई का रंग
औरैया। जो स्कूल समय से खुल गए, वहां बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। सैनिटाइजेशन और मास्क लगाने के बाद ही बच्चों को कक्षा में बैठाया गया। सामाजिक दूरी के साथ प्रार्थना सभा हुई और योगाभ्यास कराया गया। बच्चे भी शिक्षकों संग मस्ती के साथ पढ़ाई के रंग में नजर आए। स्कूलों में बच्चों को कोविड नियमों के तहत भोजन दिया गया। अधिकांश बच्चे घरों से पानी लेकर आए थे। अभिभावकों से सहमति पत्र भी लिए गए। (संवाद)