जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय जिला समन्वयक को बोर्ड परीक्षा 2016 में सचल दलों में शामिल न किए जाने को मंगलवार को उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद की जिला इकाई ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में प्रधानाचार्यों ने बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बरकरार रखने और केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों को उत्पीड़न से बचाने की मांग की है।
जिला समन्वयक की कारगुजारियों की शिकायत करने संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजेश कुमार अग्निहोत्री की अगुवाई में जिलाध्यक्ष रामअवतार ओझा, जिला मंत्री मनोज कुमार शुक्ला व अन्य पदाधिकारी कलेक्ट्रट परिसर में पहुंचे। यहां संगठन के पदाधिकारियों ने डीएम माला श्रीवास्तव से मुलाकात की। प्रांतीय उपाध्यक्ष अग्निहोत्री व अन्य पदाधिकारियों ने डीएम से बीएसए कार्यालय में कार्यरत जिला समन्वयक बालिका शिक्षा कप्तान सिंह यादव की कार्यशैली का कच्चा-चिट्ठा खोला।
उन्होंने बताया कि जिला समन्वयक दलगत राजनीति में सक्रिय रहते हुए प्राथमिक से लेकर इंटर कालेजों में पिछले सालों से टीचरों और कर्मचारियों को हैरान व परेशान कर धन उगाही करते चले आ रहे हैं। यही नहीं डीआईओएस कार्यालय से सांठ-गांठ कर जिला समन्वयक कई सालों से बोर्ड परीक्षा में सचल दल प्रभारी बनकर केंद्र व्यवस्थापकों और कक्ष निरीक्षकों का शोषण करते चले आ रहे हैं।
प्रधानाचार्य नेताओं ने उनके सचल दल प्रभारी रहते जिले में नकलविहीन परीक्षा संपन्न होने में संदेह जताते हुए डीएम से उन्हें सचल दल प्रभारी न बनाए जाने की मांग की। प्रधानाचार्यों ने इस आशय का डीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा है। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला उपाध्यक्ष उमाकांत दीक्षित, मोहन कृष्णा त्रिवेदी, कुदरत उल्ला खां, लता श्रीवास्तव, अवध अग्रवाल, देवी सिंह गुर्जर, सुरेश चंद्र त्रिपाठी, जगदीश सिंह, रामशरण मिश्रा, डा. अरविंद कुमार शुक्ला, रामसनेही शर्मा, रामसंजीवन मिश्रा, बाबूराम राजपूत आदि संगठन के प्रधानाचार्य प्रमुख रहे।