औरैया। शीत लहर की जिले में जोरदार दस्तक हुई है। रविवार सुबह सर्द हवाएं चलने से पारा गिरा। ऐसे में बेजुबानों की मुश्किलें बढ़ेंगी। अमर उजाला ने इस कड़ी में जिले की कई गोशालाओं की पड़ताल की। जारी निर्देश के तहत टिनशेड के चारों ओर सभी गोशालाओं में तिरपाल तो लगे मिले, लेकिन कुछ गोशालाओं में अलाव के इंतजाम नहीं दिखे। अधिकारी सीसीटीवी कैमरों के जरिये गोशालाओं की व्यवस्थाओं पर नजर रखते हैं।
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जल्द अलावा जलाए जाएंगे
फोटो-29एयूआरपी 14- तर्रई गोशाला में टिनशेड के इर्दगिर्द लगे तिरपाल के बीच मौजूद मवेशी। संवाद
भाग्यनगर ब्लॉक की तर्रई गोशाला में टिनशेड के आसपास तिरपाल लगे मिले। अंदर मवेशी चारा खा रहे थे। परिसर में अलाव के इंतजाम नहीं मिले। ग्राम प्रधान प्रमोद पाल ने बताया कि लकड़ी मंगाई गई है। जल्द अलाव जलाए जाएंगे।
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फोटो-29एयूआरपी 15- वसई गोशाला में ऊपर लगी टिनशेड को तिरपाल से ढकते कर्मी। संवाद
तीन दिन से नहीं आए डॉक्टर
बिधूना ब्लॉक की वसई गोशाला में टिनशेड के इर्दगिर्द तिरपाल लगाते हुए कर्मचारी दिखे। अलाव न जलने पर प्रधान राजवीर ने बताया कि जल्द ही अलाव जलवाया जाएगा। तीन दिन से डॉक्टर गोशाला में नहीं आए हैं, जबकि एक मवेशी बीमार है।
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तीन जगह पड़ी मिली अलावा की लकड़ी
फोटो-29एयूआरपी 16- अजीतमल नगर पंचायत की गोशाला का दृश्य। संवाद
अजीतमल नगर पंचायत बाबरपुर अजीतमल की अस्थाई गोशाला उपमंडी समिति स्थल पर है। पड़ताल में गोशाला में तीन टिनशेड के आसपास तिरपाल लगे मिले। परिसर में गोवंश घूमते मिले। तीन जगह अलाव के लिए लकड़ी पड़ी थी और एक जगह अलाव जलता मिला। गोशाला में दिन की ड्यूटी पर तैनात अनिल कुमार ने बताया कि दुर्घटना में घायल एक गोवंश हाल ही में लाया गया था, जिसकी रविवार तड़के मौत हो गई है।
बोले जिम्मेदार
‘शीत लहर के मद्देनजर प्रत्येक गोशाला में मवेशियों को सर्दी से बचाने के इंतजाम किए गए हैं। किसी तरह की कोई कमी न रहे इसे लेकर संचालकों को सचेत किया गया है। यदि कहीं पर भी लापरवाही पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’
-रामसुमेर गौतम, सीडीओ