औरैया। कृषि विभाग ने शुक्रवार की शाम बारिश व ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान का सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे के प्रथम चरण में जिले की तीनों तहसीलों में 68 ग्राम पंचायत चिंह्ति की गई हैं। फसलों के 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर केसीसी धारकों को बीमा कंपनी क्षतिपूर्ति करेगी। 25 से 33 फीसदी से अधिक के नुकसान होने पर राजस्व विभाग से किसानों को फसलों के नुकसान की क्षतिपूर्ति होगी। दोनों ही दशा में कृषि विभाग, राजस्व विभाग व बीमा कंपनी के प्रतिनिधि मौके पर जाकर फसलों की क्षति का आंकलन करेंगे।
बुधवार व शुक्रवार को झमाझम बरसात व ओलावृष्टि से बिधूना, अजीतमल व औरैया तहसील में फसलों का खासा नुकसान हुआ है। डीएम अभिषेक सिंह ने शनिवार को कृषि विभाग, राजस्व विभाग व बीमा कंपनियों के प्रतिनिधि के साथ बैठक कर फसलों के नुकसान का आंकलन के लिए जांच के निर्देश दिए थे।
राजस्व विभाग ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि औरैया, अजीतमल व बिधूना तहसील क्षेत्र के 68 ग्राम पंचायतों को फसलों के नुकसान के लिए चिंह्ति किया गया है। अभी इसकी संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। बाद राजस्व विभाग, कृषि विभाग व बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संबंधित गांवों में क्षतिपूर्ति का आंकलन कर अपनी रिपोर्ट देंगे। 14 दिन के अंदर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
उधर, तहसील बिधूना के राजस्व लेखपाल स्वर्ण प्रताप, धनवान सिंह, पंकज पुष्कर, निखिल यादव, रामनरेश, अनिल यादव, रवि प्रकाश समेत 12 से अधिक लेखपालों ने 31 गांवों में बरसात व ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का मौका मुआयना किया। इन गांवों में बारिश व ओला गिरने से रबी की फसल, गेहूं, लाही, आलू, चना को नुकसान हुआ है। कानूनगो धनमान सिंह पाल ने बताया रविवार को हुए आंकलन में 5 से 18 प्रतिशत फसलों का नुकसान मिला है।