औरैया। कोरोना काल में बंदी का सबसे ज्यादा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई-लिखाई पर पड़ा है। यूपी बोर्ड के 10 वीं और 12 वीं समेत अन्य कक्षाओं की परीक्षाएं भले ही 10 मार्च के बाद शुरू होंगी, लेकिन शिक्षण संस्थाएं बंद होने से विद्यार्थियों को चिंता सता रही हैै। ऑफलाइन कक्षाएं ठप होने के चलते पूरी पढ़ाई ऑनलाइन कक्षाओं पर टिकी हुई है। जो बमुश्किल 45 प्रतिशत विद्यार्थियों को भी नसीब नहीं हो रही है।
विभाग का दावा है कि 55 प्रतिशत ऑनलाइन कक्षाएं व्हाटसएप और यू ट्यूब आदि ऐप के माध्यम से संचालित की जा रही हैं। लेकिन, हकीकत यह है कि बहुत से विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी नहीं हो रहा है। ग्रामीण अंचल के कितने विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन हो रहा है, इसका रिकार्ड विभाग के पास नहीं है।
ऑनलाइन पढ़ाई करना ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों के लिए परेशानी का सबब बनी है। ज्यादातर विद्यार्थियों के पास या तो एंड्राएड मोबाइल, कंप्यूटर और लैपटॉप नहीं हैं, जिनके पास हैं भी तो उनके सामने नेटवर्क की बड़ी समस्या है। प्रतिदिन क्लास न लगना और कुछ विद्यालयों में ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन न होने से छात्र हताश हैं। कोविड महामारी और भीषण ठंड की वजह से पिछले महीने से विद्यालय बंद कर दिए गए हैं।